लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नई दिल्ली में पीएम आवास के बाहर धरने के विरोध में बीजेपी सड़कों पर उतर गई है. राजस्थान में बुधवार (22 जुलाई) को जयपुर में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुआ. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई नेताओं ने बीजेपी ऑफिस से से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. राठौड़ ने कहा कि बीजेपी संवाद और चर्चा के माध्यम से समाधान में विश्वास रखती है. जबकि कांग्रेस और विपक्ष छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं. प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष द्वारा धरना देना भारतीय संसदीय परंपराओं के विपरीत है और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है.
आंदोलन में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे- राठौड़
बीजेपी के प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राठौड़ ने कहा, "पेपर लीक के नाम पर विपक्ष द्वारा चलाया गया आंदोलन सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र था. कांग्रेस ने पत्थरबाजी करने के लिए कश्मीर और बिहार से भाड़े के टट्टुओं को बुलाया, ताकि संसद की कार्यवाही बाधित की जा सके. इतना ही नहीं, आंदोलन में पाकिस्तान जिंदाबाद, अफजल के समर्थन में नारे, देश विरोधी नारे लगाए गए. ऐसे में हम सभी को इस पूरे घटनाक्रम का सच जनता के सामने लाना आवश्यक है."
मदन राठौड़ ने की धर्मेंद्र प्रधान के कामकाज की तारीफ
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान के काम की तारीफ करते हुए कहा कि जब वो शिक्षा मंत्री बने, उन्होंने शिक्षा पद्धति में सुधार लाने का काम किया. हमारे महान व्यक्तित्व का सम्मान करने का काम किया. इस देश के महापुरुषों की जीवनी को पढ़ाने का काम किया. पहले हमारे देश में अकबर महान पढ़ाया जाता था, धर्मेन्द्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों और लोकनायकों को उचित स्थान देने का कार्य किया गया है. उन्होंने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, तेजाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, देवनारायण को पढ़ाने का काम किया है. ऐसे में विपक्ष को लगता है कि यह तो शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन कर देंगे. यहां सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पैदा हो जाएगा.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी.
प्रदेशाध्यक्ष बोले- जांच होगी तो सच सामने आ जाएगा
आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने के लिए विदेशों से फंड जुटाया गया. जांच हो रही है कि कहां से कितना पैसा मिला, सच सबके सामने आ जाएगा. कहां से पत्थरबाजों को लाया गया, यह सब सामने आ जाएगा. विपक्ष इसी कारण शिक्षा मंत्री को निशाना बना रहा है और उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहा है. राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में 17 बार पेपरलीक हुआ, दो बार यूनिवर्सिटी के पेपर लीक हो गए. कुल मिलाकर जब 19 पेपरलीक हुए तो क्यों नहीं अशोक गहलोत ने इस्तीफा दिया?
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