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जज ने सलमान, सैफ के काला हिरण मामले की सुनवाई से किया इनकार

करीब 28 साल पुराने काले हिरण के शिकार के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होनी थी.

जज ने सलमान, सैफ के काला हिरण मामले की सुनवाई से किया इनकार
blackbuck case

Blackbuck poaching case salman khan: बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामला से संबंधित अपीलों पर राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में आज सुनवाई होनी थी, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने मामले पर सुनवाई से इनकार कर दिया. सलमान खान सहित अन्य आरोपियों द्वारा दायर अपील आज जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की एकलपीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी.जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने कहा कि पूर्व में अभियुक्त से इस मामले को लेकर चर्चा हो चुकी है, और यह मामला काफी पुराना है, इसलिए उन्होंने सुनवाई से इंकार करते हुए अपीलों को अन्य उपयुक्त पीठ के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. गौरतलब है कि अभिनेता सैफ अली खान सहित अन्य की ओर से एक अपील दायर की गई है, जबकि सलमान खान ने पांच वर्ष की सजा के विरुद्ध अलग से अपील प्रस्तुत की है. अब उक्त अपीलों पर अन्य पीठ के समक्ष सुनवाई होने की संभावना है. पूर्व में जस्टिस फरजंद अली ने भी इन अपीलों पर सुनवाई से इनकार कर दिया था.

 सलमान खान को सुनाई थी पांच साल की सजा

इसी मामले में जोधपुर की निचली अदालत ने  5 अप्रैल 2018 को सलमान खान को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत  पांच साल की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ सलमान खान ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है, जिस पर आज सुनवाई होनी थी. वही सलमान खान और अन्य फिल्मी सितारों से जुड़ा काला हिरण शिकार मामले की सभी अपीलो पर हाइकोर्ट में एक साथ सुनवाई के लिए पूर्व में सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने प्रार्थना पत्र पेश किया था. उसको स्वीकार किया गया है.

लीव टू अपील पर विचार करेगी हाईकोर्ट

साथ ही,अदालत को उन अन्य फिल्मी सितारों की किस्मत पर भी विचार करना है जिन्हें निचली अदालत ने 'संदेह का लाभ' देते हुए बरी कर दिया था. राजस्थान सरकार ने सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को बरी किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में 'लीव टू अपील' दायर की है.

एक साथ सुनी जानी हैं सभी अपीलें

इस मामले में 5 अप्रैल 2018 को सलमान खान को पांच साल की सजा सुनाई गई थी, जबकि अन्य सभी सह-आरोपियों-सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेन्द्र और दुष्यंत-को बरी कर दिया गया. सलमान खान ने जिला एवं सत्र न्यायालय में इस सजा के खिलाफ अपील की और जमानत पर रिहा हुए. 

सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने पूर्व में 15 अक्टूबर 1998 को लूणी थाने में दर्ज ऑर्म्स एक्ट मामले की अपील को एक प्रार्थना पत्र पेश किया था, जिसमें मांग की गई थी कि शिकार मामले और आर्म्स एक्ट से जुड़ी सभी अपीलों पर एक साथ सुनवाई की जाए. कोर्ट ने इस आवेदन को स्वीकार कर लिया था. जिसके बाद  21 मार्च 2022 को इस केस को हाईकोर्ट में ट्रांसफर  करदिया था. इसके बाद अब हाईकोर्ट की खंडपीठ इन सभी पहलुओं पर एक साथ विचार करेगी.

क्या है मामला

यह मामला 28 साल पुराना है जब वर्ष 1998 में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग जोधपुर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में चल रही थी. आरोप है कि इस दौरान लूणी थाना क्षेत्र के कांकाणी गांव की सरहद पर बॉलीवुड के सितारे सलमान खान, सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे सहित अन्य लोगों ने काले हिरणो का शिकार किया था.  इस मामले में सलमान खान के विरुद्ध तीन मामले हिरण शिकार के दर्ज हुए . एक मामला अवैध हथियार का दर्ज हुआ. निचली अदालत से सलमान खान को दो मामलों में पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई है. एक मामले में एक साल की सजा सुनाई गई है.

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