Tillu Murder Case: राजस्थान के दौसा जिले के उनबड़ा गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. एक 4 साल के बच्चे के चाचा और बुआ ने ही उसकी हत्या करके शव को निर्माणाधीन हाईवे के पास गाड़ दिया. जहां आज दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन कर तैयार है और उस जगह की पूरी भूगोल बदल चुकी है. आज से 6 साल पहले की गई हत्या के शव को पुलिस ढूंढ रही है. वहीं आरोपी पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं. लेकिन अभी भी शव की तलाश जारी है.
कानून के दांव पेंच में कबूलनामा काफी नहीं
इस मामले में एनडीटीवी ने लीगल एक्सपर्ट एडवोकेट गिरीश खंडेलवाल से बात की. उन्होंने बताया कि हत्या के ऐसे मामले में शव और हत्या के हथियार का मिलना बहुत आवश्यक है. केवल आरोपियों की कबूलनामे के आधार पर दोष सिद्धि नहीं की जा सकती है. उन्हें कबूलनामे के आधार पर जांच के दौरान गिरफ्तार किया जा सकता है. लेकिन आरोप सिद्ध करने के लिए इन सबूतों का मिलना बहुत जरूरी है. सबसे अहम बात ये है कि यदि शव नहीं मिलता है तो ये बात कैसे सिद्ध होगी कि जिस व्यक्ति की हत्या का ट्रायल चल रहा है. वह मर चुका है. यानी अपराधी चीख-चीख कर भी जुर्म कबूल करे तो भी दोष सिद्ध नहीं हो पाएगा.
आरोपी बार-बार बदल रहा अपना बयान
वहीं, मामले में दोनों ही आरोपी बार-बार अपना बयान बदल रहे हैं. पुलिस को अंदेशा है कि ऐसा भी गुमराह करने के लिए कर रहे हैं. बीते 5 साल में उन्होंने कहीं ना कहीं से ज्ञान इकट्ठा किया है कि वह किस तरह से बच सकते हैं. इसीलिए मामले में आरोपी कृष्णा बार-बार अपने बयान बदल रही है. शव के लिए अलग-अलग जगह बता रही है.
मामले में जांच अधिकारी जहीर अब्बास ने बताया कि करीब 6 साल पुरानी घटना है. वहां पर अब हाईवे बन चुका है. ऐसे में जगह काफी बदल चुकी है. शव ढूंढना मुश्किल है. हालांकि हम एनएचएआई की टीम के साथ मिलकर लगातार कोशिश कर रहे हैं. उम्मीद है कि जल्द ही हमें मामले में सफलता मिलेगी.