पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले मुश्ताक अली को सीआईडी इंटेलिजेंस ने जैसलमेर से गिरफ्तार किया है. दो साल से मुश्ताक पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था. इस काम के लिए उसके बैंक अकाउंट में करीब 30 हजार रुपये भेजे गए. जिन खातों से पैसा आया वह भारत के ही बताए जा रहे हैं.
आरोपी से पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी जुटाई जाएगी कि वह जासूसी फोटो और वीडियो बनाने और उन्हें पाकिस्तान भेजने के लिए कहां-कहां गया और किन रास्तों से गया. टीम ने मामले को लेकर हर एंगल से जांच शुरू कर दी है. अब तक की पूछताछ में पता चला है कि मुश्ताक अली अपनी बुआ के बेटे नजीर के जरिए पाकिस्तानी एजेंसी के हैंडलर खालिद के संपर्क में आया था.
नजीर पाकिस्तान में रहता है. उसी ने मुशताक अली की आईएसआई एजेंसी के हैंडलर ख़ालिद से बात कराई थी. खालिद की सलाह पर मुश्ताक अली ने जैसलमेर में रहकर जासूसी शुरू कर दी. मुश्ताक अली खारिया गांव का रहने वाला है. ये गांव इंटरनेशनल बॉर्डर के पास में है. फिलहाल आरोपी पांच दिन की रिमांड पर है.
खालिद ने कैसे किया मुश्ताक का ब्रेनवॉश
हैंडलर खालिद ऐसे लोगों को टारगेट करता है जो भारत में रहते हैं और जिनके रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं. मुश्ताक अली की मौसी पाकिस्तान में रहती हैं और उनका बेटा नजीर है. नजीर दो साल से सोशल मीडिया के जरिए मुश्ताक के संपर्क में था. मुश्ताक को अपने ग्रुप में शामिल करने के लिए उसने पहले उसका ब्रेनवॉश किया. उसने यहां तक कहा कि भारत में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है.
BSF के मूवमेंट से लेकर सड़क ब्रिज तक की जानकारी
इस बात पर उसका माइंड डाइवर्ट कर उसे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने की राह चलने को कहा. 2 साल से मुश्ताक अली जैसलमेर कि जासूसी कर रहा था, बीएसएफ का मूवमेंट सड़क ब्रिज और अन्य सेना की फोटो वीडियो बनाकर वाट्सएप के माध्यम से आईएसआईएस को भेज रहा था.
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