राजस्थान के दौसा जिले में एक्सप्रेसवे के नीचे पिछले कई दिनों से 4 साल के प्रिंस (टिल्लू) की बॉडी खोजने के लिए खुदाई हो रही है. टिल्लू की 6 साल पहले हत्या कर उसके शव को आरोपियों ने दफना दिया था. अब वहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे काम पूरा हो चुका है. ऐसे में शव का पता लगाने के लिए जीपीआर स्कैनर का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके जरिए उन जगहों को चिह्नित करने की कोशिश की जा रही है, जहां प्रिंस का शव दफन हो सकता है. आशंका जताई जा रही है कि यहां करीब 20 फीट से ज्यादा गहराई में शव दफन हो सकता है. बीते दिन (27 फरवरी) GPR मशीन से लगभग 4 घंटे स्कैन किया गया, जिसके बाद उसकी बैटरी खत्म हो गई और एक्सपर्ट्स की टीम जयपुर वापस लौट गई.
क्या होती है जीपीआर मशीन?
- ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन, खुदाई किए बिना जमीन के नीचे की संरचनाओं या वस्तुओं का पता लगाने के लिए इस्तेमाल की जाती है.
- जमीन के भीतर मटेरियल ढूंढने में कारगर है.
- यह इलेक्ट्रोनिक मैग्नेटिक वेब के सिद्धांत पर काम करती है. GPR उच्च-आवृत्ति वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों का उपयोग करता है.
- यह मुख्य रूप से फोरेंसिक जांच, पुरातत्व, उपयोगिता लाइनों की मैपिंग और पर्यावरण अध्ययन में उपयोग होती है.
मशीन में लगा रिसीवर बताता है जमीन के नीचे क्या है
- इस मशीन में लगा एक रिसीवर एंटीना इन वापसी सिग्नलों को पकड़ता है. सिग्नल के आने में लगने वाला समय गहराई का अनुमान लगाने में मदद करता है. जबकि सिग्नल की तीव्रता (Amplitude) वस्तु के प्रकार के बारे में जानकारी देती है.
- डेटा को कंप्यूटर पर प्रोसेस करके 2D या 3D इमेज बनाई जाती है, जहां हाइपरबोलिक पैटर्न (घुमावदार रेखाएं) असामान्यताओं को दर्शाते हैं.
- जब ये तरंगें किसी वस्तु, मिट्टी की परतों के बीच की सीमा, या अलग-अलग विद्युत गुणों वाली सामग्री (जैसे पाइप, शव, या खोखली जगह) से टकराती हैं तो वे परावर्तित (रिफ्लेक्ट) होकर वापस आती हैं.
- शव से निकलने वाली तरंगें मिट्टी की सामान्य परतों से अलग होती हैं, जिससे स्कैन में हाइपरबोलिक या रिफ्लेक्शन दिखाई देता है. इसी की सहायता से पता लग पाता है कि जमीन के नीचे क्या है. हालांकि यह पूरी तरह सटीक नतीजा दे, ऐसा भी जरूरी नहीं होता.
रिपोर्ट आने के बाद मामला होगा साफ
एक्सप्रेसवे की जमीन स्कैन करते वक्त भी GPR मशीन ऑपरेटर अजीत सिंह बोले तीन जगह को चिन्हित किया गया है. इसमें 2 से 3 मीटर पर निशान लगाए हैं. मशीन ने संकेत दिए हैं, लेकिन बोल्डर के रूप में ऑब्जेक्ट आ रहा है. रिपोर्ट के आने के बाद मामला साफ होगा.
यहां पढ़िए टिल्लू हत्याकांड से जुड़ी खबरें-
यह वीडियो भी देखें-