
Rajasthan News: सिरोही विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी हेमंत पुरोहित पर देर रात अज्ञात हमलावरों ने हमला बोल दिया, जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए. उनके समर्थकों ने मिलकर उन्हें तुरन्त सिरोही के राजकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है. वोटिंग से मात्र तीन दिन पहले प्रत्याशी पर हुए इस हमले की सूचना जैसे ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत एक टीम केस की जांच में जुट गई.
जानकारी के मुताबिक, हेमंत पुरोहित बुधवार रात चुनाव प्रचार करने के बाद घर लौट रहे थे. इसी दौरान सनपुर आमलारी के पास दो पहिया पर आए अज्ञात बदमाशों ने पुरोहित की गाड़ी को बीच रास्ते में ही रोक लिया. इससे पहले की गाड़ी में सवार लोग कुछ समझ पाते बदमाशों ने ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया. इस हमले में हेमंत पुरोहित के सिर में काफी चोटें आई हैं. खून से लतपत हालत में उन्हें समर्थकों ने गाड़ी से निकालकर राजकीय अस्पताल पहुंचा, जहां अभी भी उनका इलाज चल रहा है.
अभी तक हमलावरों का पता नहीं लगा है. जानकारों का मानना है कि ये यह आरोप भी दबी जुबान बीजेपी समर्थकों पर लग सकता है. क्योंकि कुछ दिन पहले ही बेजेपी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया था. इसके कारण समर्थकों में रोष भी हो सकता है. ये तो सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं. बाकी तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा.
हेमंत पुरोहित पूर्व में बीजेपी के जिला युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं. टिकट की लालसा में कई बार आलाकमान से सम्पर्क भी साधने की कोशिश की, पर टिकट पाने में वे सफल नहीं हो सके. इसके बाद उन्होंने बीजेपी से अलग रुख अपना लिया, जिसके बाद उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया. इसके बाद वे निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ रहे हैं. सिरोही जिले में पुरोहित समाज का अच्छा खासा वोट बैंक है. बीजेपी प्रत्याशी ओटाराम देवासी को कितना नुकसान पहुंचाएंगे ये तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इससे पार्टी के स्थानीय इकाई में खलबली जरूर है. क्योंकि इस बार का चुनाव कांटे की टक्कर का है. यदि हेमंत पुरोहित ने थोड़ा भी वोट काटा तो इसका बड़ा नुकसान ओटाराम देवासी को भुगतना पड़ेगा. यह बात बीजेपी अच्छे से जानती है.