डीग जिले की कैथवाड़ा थाना पुलिस ने फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है. मास्टरमाइंड हमीद को नीमला को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि गिरोह ने शादी का झांसा देकर इलाके के कई परिवार से करोड़ों की ठगी की. हमीद के खिलाफ भी 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. इस मामले में पहले भी करीब 5 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. शुरुआती तौर पर गिरोह ने कई शादियां करवाई, ताकि लोगों में उनके प्रति भरोसा कायम हो सके. जैसे ही क्षेत्रवासियों ने विश्वास करना शुरू किया, वैसे ही उनकी उम्मीदें टूट गईं. अब गैंग के सरगना हमीद की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुल सकते हैं.
पीड़ितों के बारे में भी जानकारी जुटा रही पुलिस
डीग एसपी शरण कांबले ने बताया कि आरोपी ने नीमला में फर्जी मैरिज ब्यूरो खोल रखा था. गिरोह शादी कराने के नाम पर भोले-भाले लोगों से लाखों रुपए ऐंठता था. पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी. मुखबिर की सूचना पर एएसआई जसवंत सिंह ने टीम के साथ दबिश देकर आरोपी को गांव से ही गिरफ्तार कर लिया. ठगी के शिकार और पीड़ितों का पता लगाया जा रहा है. साथ ही फरार अपराधियों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई जारी है.
शादी के लिए 1.50 लाख रुपये ली फीस
पुलिस के मुताबिक, गिरोह बेहद ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था. लड़की के परिजनों से बेटी की शादी के नाम पर 1.50 लाख रुपये की फीस वसूलते थे और फिर शादी की तारीख देते थे. इस गिरोह ने क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक शादियां भी करवाई और दहेज का पूरा खर्च भी उठाया. इसके बाद आसपास के क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को इन पर भरोसा हो गया. धीरे-धीरे 1 हजार परिवारों तक पैठ हो गई.
और फिर शुरू हुआ असली खेल...
बदमाशों ने कई परिवारों को झांसा दिया और उनसे राशि जमा वसूल ली. फिर ना तो लड़कियों की शादी हुई और ना ही पैसा वापस किया. मामला थाने में पहुंचा तो पुलिस सक्रिय हो गई. खटवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद कथित मैरिज ब्यूरो पर छापा पड़ा. पुलिस की रेड में पता चला कि ब्यूरो का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है और यही से पूरी सच्चाई सामने आ गई. फिलहाल, गिरोह के कई सदस्य पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की बारीकी से पड़ताल की जा रही है.
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