Rajasthan News: राजस्थान में डीडवाना-कुचामन जिले के चितावा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है. जहां कानून के रखवालों पर ही कानून हाथ में लेने और एक दलित युवक के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा है. न्यायालय के कड़े आदेश के बाद, अब उसी चितावा थाने में थानाधिकारी तेजाराम और तीन पुलिसकर्मियों सहित कुल छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घाटवा निवासी विजय कुमार मेघवाल के भाई बलजीत मेघवाल ने कुछ लोगों से मजदूरी के बकाया पैसे मांगे थे. आरोप है कि इस पर दूसरे पक्ष ने बलजीत के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उसे जातिसूचक गालियां भी दीं. पीड़ित जब इसकी शिकायत लेकर चितावा थाने पहुंचा, तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे डांट-डपटकर वहां से भगा दिया.
पुलिस पर बेरहमी से पीटने का आरोप
जब अगले दिन विजय कुमार अपने भाई और परिजनों के साथ फिर से न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचा, तो मामला और बिगड़ गया. आरोप है कि थाने के भीतर ही पुलिसकर्मियों ने विजय कुमार के साथ बर्बरतापूर्ण मारपीट की. यह पिटाई इतनी गंभीर थी कि युवक के कान का पर्दा तक फट गया. पुलिस की इस कार्यप्रणाली ने खाकी के रसूख और सुरक्षा के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मिली राहत
थाने से न्याय न मिलने के बाद पीड़ित ने कुचामन के एसीजेएम न्यायालय में इस्तगासा पेश किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. इसके बाद चितावा थाने में थानाधिकारी तेजाराम, कांस्टेबल इन्द्राज मीणा, जितेंद्र और हेमराज समेत छह लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया. अब इस पूरे मामले की जांच मकराना के सीओ विक्की नागपाल द्वारा की जाएगी.
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