Rajasthan News: राजस्थान पुलिस के अति. महानिदेशक (सिविल राईट्स एवं एएचटी) के द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान उमंग-।।। के तहत डीडवाना जिले के कुचामन सिटी थाना पुलिस ने सजकता के साथ त्वरित कार्रवाई कर एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है. पुलिस ने अपने परिवार से बिछड़कर ट्रेन में लावारिस मिली दो बच्चियों को उनसे परिवार से मिलावाने का कार्य किया है, जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है.
जानकारी के मुताबिक, बिहार राज्य के मूल निवासी और वर्तमान में जयपुर में रहकर मजदूरी करने वाले मोहम्मद शमशाद की दो बेटियां घर वालों से बिछड़ गई और अनजाने में जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर वहां से गोवाहाटी से बाड़मेर की और आ रही ट्रेन में सवार हो गई थीं. इस बारे में कुचामन पुलिस को सूचना मिली कि दो मासूम बच्चियां ट्रेन में सवार हैं और अपने परिवार से बिछड़ी हुई लग रही हैं.
इस पर कुचामन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ताराचंद चौधरी और पुलिस उपाधीक्षक अरविंद बिश्नोई ने कुचामन पुलिस के सब इंस्पेक्टर रामलाल और हेड कांस्टेबल नरेश कुमार, हेड कांस्टेबल राजेंद्र मीणा सहित एक टीम को कुचामन रेलवे स्टेशन जाने के लिए निर्देशित किया. पुलिस टीम ने कुचामन रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के ठहरते ही दोनों बच्चियों को तलाश कर, दस्तेआब किया. पुलिस टीम के साथ सम्पर्क संस्थान, एनजीओ की सुशीला चौहान ने भी बालिकाओं से बातचीत कर उनके बारे में जानकारी ली.
इसके बाद पुलिस ने दोनों बच्चियों के परिजनों का पता लगाया और पिता मोहमद शमशेर व माता अफसाना खातून को दोनों बच्चियों के कुचामन पुलिस थाने में होने की जानकारी दी. जिसके बाद मोहम्मद शमशेर और उनकी पत्नी कुचामन पुलिस थाने पहुंचे और दोनों बच्चियों को देखते ही माता-पिता के चेहरे ही नहीं बल्कि बच्चियों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई. इस परिवार के चेहरे पर खुशी देखकर कुचामन पुलिस थाने के कार्मिको के होंठो पर भी मुस्कान आ गई.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ताराचंद चौधरी ने बताया कि कुचामन सिटी थाना पुलिस की टीम का दो बिछड़ी बच्चियों को उनके माता पिता से मिलाने का ऑपरेशन उमंग- III के तहत ये कार्य सराहनीय है. समय रहते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चियों को दस्तेआब किया और उनके माता-पिता से मिला दिया, वरना दोनों बच्चों के साथ कुछ बुरा भी हो सकता था.