गंगापुर सिटी के प्राइवेट बस स्टैंड पर रविवार सुबह करीब 4:00 बजे अचानक बसों में भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, और दो बसें धू-धू कर जलने लगीं. आग इतनी तेज थी कि पास में खड़ी दो अन्य बसें भी इसकी चपेट में आ गईं, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि आग में जली एक बस वजीरपुर निवासी अनिल सेठ की थी, जो प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे गंगापुर सिटी से हिंडौन सिटी के लिए रवाना होती थी. दूसरी बस हिंडौन सिटी निवासी जितेंद्र गुर्जर, पुत्र शिव सिंह गुर्जर की थी, जो प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे गंगापुर सिटी से हिंडौन सिटी के लिए संचालित होती थी.
फायर ब्रिगेड को दी सूचना
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई. लोगों ने तुरंत अग्निशमन को कॉल किया और खुद भी आग बुझाने का प्रयास किया. आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है. प्रारंभिक तौर पर इसे अज्ञात कारणों से लगी आग माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएंगे.
पिछले साल भी लगी थी आग
स्थानीय बस संचालक वजीरपुर निवासी मोहसिन का कहना है कि प्राइवेट बस स्टैंड पर पहले भी आगजनी की कई घटनाएं हो चुकी हैं. पिछले साल भी खड़ी हुई कुछ बसों में रात को आग लग गई थी, जिसमें 3 से 4 बसें जली थीं. इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर, प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
बस स्टैंड पर नहीं लगे CCTV
सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे बस स्टैंड पर एक भी CCTV कैमरे तक नहीं लगे हैं, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई और कारण था. हालांकि, कुछ बस संचालकों का कहना है कि बार-बार आगजनी की ये घटनाएं किसी की साजिश भी हो सकती है.
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
फिलहाल गनीमत यह रही कि आगजनी की ये घटना तड़के हुई, जिससे बसें खाली खड़ी थीं, और कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वर्तमान में गंगापुर सिटी के इस प्राइवेट बस स्टैंड से लगभग 250 निजी बसों का संचालन प्रतिदिन जयपुर, हिंडोन, करौली, सपोटरा, कैलादेवी, टोडाभीम, सवाई माधोपुर के लिए होता है.
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