मध्य प्रदेश और राजस्थान के बारां सीमावर्ती इलाकों में बारिश होने से जिले के जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है. जिले के छबड़ा क्षेत्र में इस मानसून सीजन में पहली बार हिंगलोट बांध ओवरफ्लो हो गया. बांध पर करीब 0.1 सेंटीमीटर की चादर चली, ऐसे ही छीपाबड़ौद क्षेत्र के ल्हासी बांध में पानी की अच्छी आवक हुई है जल संसाधन विभाग ने बांध का एक गेट खोलकर पानी छोडा है. हिंगलोट डैम इस सीजन में ओवरफ्लो होने वाला जिले का पहला बांध बना.
बांध की निगरानी की जा रही
बारिश के चलते बांध के कैचमेंट क्षेत्र से लगातार पानी की आवक बनी हुई है. बांध के ओवरफ्लो होने की सूचना के बाद आसपास के इलाकों में भी लोगों की नजर जलस्तर पर बनी हुई है. प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से बांध की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है.
बांध 89.68 % भर चुका
छीपाबड़ौद क्षेत्र के ल्हासी बांध में भी पानी की आवक लगातार जारी है. आज सुबह 6 बजे बांध का जलस्तर 345.20 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण भराव स्तर (FTL) 345.60 मीटर है. बांध में करीब 975.53 एमसीएफटी पानी जमा है और यह 89.68 % भर चुका है.
655 क्यूसेक पानी की आवक
ल्हासी बांध में फिलहाल 655 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए 530 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. पानी की लगातार आवक को देखते हुए बीती रात करीब 8:30 बजे बांध का गेट नंबर-2 करीब 0.30 मीटर खोला.
फिलहाल गेट नंबर-2 से पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि गेट नंबर-1 और 3 बंद हैं. विभाग की ओर से बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है.
(रिपोर्ट- अर्जुन-अरविंंद)
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