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पंचायती राज की अनुदान से लेकर संघ की शाखाओं में दूध पिलाने को लेकर छिड़ी बहस, डोटासरा-किरोड़ी आमने-सामने

राजस्थान विधानसभा में आज पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगो पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष विपक्ष आमने-सामने नज़र आए.

पंचायती राज की अनुदान से लेकर संघ की शाखाओं में दूध पिलाने को लेकर छिड़ी बहस, डोटासरा-किरोड़ी आमने-सामने
गोविंद सिंह डोटासरा और किरोड़ी लाल मीणा

Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में पंचायतीराज और ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान किरोड़ी लाल मीणा और गोविंद सिंह डोटासरा ने बीच जबरदस्त बहस देखने को मिली. परिसीमन से लेकर ‘वन स्टेट वन इलेक्शन' और मनरेगा के प्रावधानों तक विपक्ष ने सरकार को घेरा. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाए तो मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, मदन दिलावर और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी जोरदार पलटवार किया. सदन में बहस दूध, राष्ट्रभक्ति, योजनाओं के खर्च और मिड-डे मील तक पहुंच गई.

चर्चा की शुरुआत पंचायतीराज में परिसीमन के मुद्दे से हुई

राजस्थान विधानसभा में आज पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग की अनुदान मांगो पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष विपक्ष आमने-सामने नज़र आए. चर्चा की शुरुआत पंचायतीराज में परिसीमन के मुद्दे से हुई. गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों के नाम और मुख्यालय बदले गए और वार्डों की आबादी में असमानता पैदा की गई. उन्होंने कहा कि सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन' का वादा पूरा नहीं कर पाई और कोर्ट में खुद को चुनाव कराने में अक्षम बता रही है.डोटासरा ने 15वें वित्त आयोग की योजनाओं, प्रमोशन और डीपीसी में देरी का मुद्दा उठाते हुए पंचायतीराज व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना में 500 करोड़ का प्रावधान रखा और खर्चा शून्य हुआ. मुख्यमंत्री थार क्षेत्र योजना में 150 करोड़ का बजट था और खर्च 12.67 करोड़ हुआ. नाम बड़े, दर्शन छोटे हैं इस सरकार के.

डोटासरा ने RSS को लेकर कसा तंज

बहस के दौरान माहौल तब गर्म हुआ जब डोटासरा ने आरएसएस शाखा को लेकर तंज कसा और पूछा कि शाखा में गाय का दूध पिलाया जाता है या भैंस का. इस पर डॉ. किरोड़ी लाल मीणा खड़े हुए और कहा कि उन्होंने शाखा में राष्ट्रभक्ति सीखी है. हमारा काम राष्ट्र की सेवा करना है. हम पद के पीछे नहीं भागते.

दूध पर चली बहस में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति जताई. सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने भी तंज कसा. सदन में कई बार हंगामे जैसे हालात बने.

डोटासरा के साथ भिड़े मदन दिलावर

इसी दौरान डोटासरा ने मदन दिलावर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पंचायतीराज मंत्री किरोड़ी को बना दो, छापे मारकर हलचल तो मचाएंगे. जवाब में दिलावर ने मिड-डे मील के 2000 करोड़ के मामले का जिक्र किया. डोटासरा ने पलटवार करते हुए कहा कि जांच का स्वागत है और मंत्री खुद कई मामलों में जमानत पर हैं. ग्रामीण विकास और मनरेगा पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि जब औसतन 50 दिन का रोजगार ही मिल पा रहा है तो 125 दिन का वादा कैसे पूरा होगा.125 दिन रोजगार देने के लिए 21 हजार करोड़ चाहिए. आपके पास पेंशन देने के पैसे नहीं, दवाई के पैसे नहीं, सड़क ठीक करने के पैसे नहीं, तो 21 हजार करोड़ कहां से देंगे? मनरेगा में पहले 10 प्रतिशत हिस्सा नहीं दे पाए, अब 40 प्रतिशत कहां से देंगे.

सरकार की ओर से मंत्रियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहा है और योजनाएं तय प्रक्रिया से लागू की जा रही हैं. पंचायतीराज और ग्रामीण विकास की अनुदान मांगों पर चर्चा ने बजट सत्र में सियासी तापमान बढ़ा दिया है. परिसीमन, मनरेगा, योजनाओं के खर्च और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बीच साफ है कि पंचायत चुनाव और ग्रामीण वोट बैंक को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है.

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