Rajasthan News: राजस्थान के करौली जिले में आपातकालीन सेवाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है. हाल ही में एनडीटीवी के रियलिटी चेक में सामने आया है कि जिला मुख्यालय का फायर स्टेशन, जो शहर की सुरक्षा में बहुत जरूरी है. वहां ताला लगा मिला है. सुबह के 9:30 बजे कर्मचारियों का ड्यूटी पर होना अनिवार्य है, लेकिन वहां कोई नहीं था.
5 में से 1 कर्मचारी उपस्थित
सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि फायर स्टेशन का कामकाज फिलहाल पूरी तरह ठप है. शहर की आग बुझाने की जिम्मेदारी उठाने वाले 30 से अधिक निजी फायरकर्मी और ड्राइवर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. ऐसे में यदि शहर में कहीं आगजनी या कोई बड़ी आपदा होती है, तो तत्काल राहत देना बड़ी मुश्किल हो जाएगा. रियलिटी चेक के दौरान, रजिस्टर में 5 में से केवल एक कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज थी.
9 महीने से नहीं मिला वेतन
वहीं निजी दमकलकर्मी इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं. एक तरफ वे शहर की सुरक्षा का जिम्मा संभाले हुए हैं, तो दूसरी तरफ वे स्वयं आर्थिक तंगी की आग में झुलस रहे हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले 9 महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला है. अक्टूबर 2024 के बकाया वेतन के अलावा, जनवरी 2026 से अब तक का भुगतान नहीं किया गया है.
अब्दुल वाहिद सहित कई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि दुकानदार भी उन्हें उधार देने से मना कर रहे हैं. बच्चों की फीस और घर का राशन चलाना तक मुश्किल हो गया है. कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार जिला कलेक्टर, नगर परिषद और प्रभारी मंत्री से गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिले.
प्रशासन की चुप्पी
जब इस मामले पर फायर स्टेशन प्रभारी भावना गुर्जर से सवाल किया गया, तो उन्होंने निरीक्षण कार्य का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया. बजट की कमी का तर्क देकर भुगतान में देरी की बात कही गई. वहीं अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित कर्मचारियों ने गुरुवार को फायर स्टेशन से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है. कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं होता, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. इस मामले पर प्रशासन अब भी चुप बैठा है.
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