गोवंश संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय सम्मान की मांग को लेकर सोमवार को बूंदी जिला मुख्यालय पर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई. जब बड़ी संख्या में गौभक्त रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे. प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश से रोकने पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा. गौभक्तों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के बाहर सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया और विरोध स्वरूप हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया. प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाकर ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी, जिसके बाद मामला शांत हुआ.
गौसेवकों ने किया प्रदर्शन
गोवंश संरक्षण को लेकर देशभर में चल रहे 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के तहत बूंदी में भी बड़ी संख्या में गौसेवक, संत समाज से जुड़े लोग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए. सभी लोग रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से स्मरण पत्र भेजने की मांग करने लगे. हालांकि कलेक्ट्रेट परिसर में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने से प्रदर्शनकारी नाराज हो गए.
यातायात हुआ प्रभावित
गौभक्तों ने प्रशासन के निर्णय का विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट के बाहर ही सड़क पर धरना शुरू कर दिया. कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ. प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे. "गो माता की जय" और "गोवंश बचाओ" के नारे लगाते रहे. मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे. विरोध बढ़ने और माहौल तनावपूर्ण होने पर प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने की अनुमति दी. इसके बाद जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
अलग मंत्रालय की मांग
ज्ञापन में गोवंश की सुरक्षा के लिए देशभर में सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग की गई है. इसके साथ ही केंद्र सरकार में गोवंश संरक्षण के लिए अलग मंत्रालय गठित करने, गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने तथा गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष नीति लागू करने की अपील की गई है. अभियान से जुड़े पदाधिकारियों का दावा है कि यह केवल स्थानीय आंदोलन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का जनजागरण अभियान है. उनके अनुसार देश की 5100 तहसीलों से 2 करोड़ 59 लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्रित किए गए हैं. इन हस्ताक्षरों के साथ प्रधानमंत्री को स्मरण पत्र भेजकर गोवंश संरक्षण के लिए ठोस और स्थायी नीति बनाने का आग्रह किया जा रहा है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि गोवंश संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर ठोस पहल करवाना है. उनका कहना है कि गोवंश की सुरक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है.
भारी पुलिस बल तैनात रहा
कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा.अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक वहां से रवाना हो गए. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने कुछ समय के लिए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में हलचल का माहौल बनाए रखा.
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