जयपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित भैराणा धाम बचाओ आंदोलन को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है. बुधवार को भैराणा पहुंचे हनुमान बेनीवाल ने मंच से सीधे सरकार को चुनौती देते हुए एक घंटे का अल्टीमेटम दिया कि अगर सरकार ने अगले एक घंटे के अंदर साधु-संतों की मांगों पर गौर नहीं किया तो सभी समर्थक और विरोध प्रदर्शन में मौजूद लोग जयपुर कूच कर देंगे. हनुमान बेनीवाल के जयपुर कूच के ऐलान के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. बेनीवाल के ऐलान के कुछ ही देर बाद कलेक्टर और रेंज आईजी भैराणा पहुंचे हैं. फिलहाल प्रशासन के साथ आंदोलनकारियों की वार्ता चल रही है.
पिछले एक महीने से चल रहा प्रदर्शन
दरअसल, भैराणा धाम में पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन चल रहा है. लंबे समय से अग्नि तप पर डटे साधु-संतों व प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार चाहे किसी की भी हो, उन्हें राजनीति से कोई सरोकार नहीं है, लेकिन धाम की पवित्रता और पर्यावरण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. साधु-संतों और स्थानीय प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.
एक घंटे में जयपुर कूच का ऐलान
अब जब RLP सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल साधु-संतों के आंदोलन में कूद गए तो प्रशासन और सरकार में हड़कंप मच गया. बुधवार को भैराणा में जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद बेनीवाल ने कहा कि क्षेत्र के साधु-संतों की मांगों और उनकी बातों पर सरकार लंबे समय से ध्यान नहीं दे रही है. संतों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

हनुमान बेनीवाल ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि अगर सरकार ने अगले एक घंटे के भीतर साधु-संतों की जायज मांगों पर सकारात्मक गौर नहीं किया और कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो सभी समर्थक और आम जनता राजधानी जयपुर की तरफ कूच कर देंगे.
हनुमान बेनीवाल के बाद जयपुर कूच के ऐलान पर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे हरकत में आया. कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जिला कलेक्टर संदेश नायक और रेंज आईजी तुरंत लाव-लश्कर के साथ भैराणा पहुंचे हैं. वे आंदोलनकारियों से बातचीत के जरिए रास्ता निकालने के प्रयास में जुटे हैं.
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