Weather Update: दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है. साथ ही अन्य मानसूनी परिस्थितियों के कारण आज मंगलवार से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने व कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर व बीकानेर संभाग के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस दौरान दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी भागों म कहीं-कहीं भारी/अतिभारी बारिश होने की संभावना है.
अति भारी बारिश का अनुमान
कल से 2 अगस्त के दौरान भी पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में मानसून सक्रिय रहने तथा कहीं-कहीं भारी एवं अतिभारी बारिश होने का अनुमान है. मंगलवार सुबह तक बीते चौबीस घंटों के दौरान राज्य में अनेक जगह हल्की से मध्यम बारिश हुई. चित्तौड़गढ़ एवं सिरोही जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 67.0 मिलीमीटर (भारी वर्षा) वर्षा राश्मी (चित्तौड़गढ़) और आबू रोड (सिरोही) में हुई.
— मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) July 29, 2026
मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. बारां, झालावाड़, डूंगरपुर, सलूम्बर, उदयपुर, राजसमंद, पाली, सिरोही, जोधपुर एवं चित्तौड़गढ़ जिलों तथा आस-पास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम बारिश की संभावना है. मेघगर्जन के साथ अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा चलेंगी. रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.
मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कोटा ग्रामीण के मंडाना क्षेत्र के समीपवर्ती गांवों उम्मेदपुरा और रावठा में करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. भारी बारिश के चलते क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर आ गए. रपट पर पानी का तेज बहाव होने से दोनों गांवों का आपस में संपर्क पूरी तरह टूट गया. इस दौरान छुट्टी के बाद घर लौट रहे स्कूली छात्र बीच रास्ते में ही फंस गए. करीब एक घंटे बाद जब पानी का बहाव कम हुआ, तब जाकर बच्चे सुरक्षित अपने घर पहुंच सके. मूसलाधार बारिश के कारण कई किसानों के खेत जलमग्न हो गए, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका है.
सवाई माधोपुर में नाले में बहते दिखे मगरमच्छ
सवाई माधोपुर में मंगलवार को हुई तेज बारिश के चलते रणथंभौर के जंगलों स्थित जलाशयों से कई मगरमच्छ बहकर जंगल से बाहर आ गया. रणथंभौर के जंगल से निकलने वाले झरेटी नाले के उफान के साथ ही कई मगरमच्छ बहकर आ गया. करीब पांच मगरमच्छ शेरपुर गांव के नजदीक कुंडेरा-सवाई माधोपुर मार्ग स्थित झरेटी रपट पर पानी एंव सड़क पर चलते राहगीरों को नजर आये. बारिश थमने के बाद झरेटी नाले में पानी का बहाव कम होने के बाद पांच मगरमच्छ राहगीरों को दिखाई दिए. रात को मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को पांच में से चार मगरमच्छ झरेटी नाले की रपट पर रणथंभौर की तरफ से दूसरी ओर शेरपुर झरेटी की तरफ मुख्य सड़क की रपट के पानी मे चलते हुवे दिखाई दिए.

सवाई माधोपुर में मगरमच्छ बहते नजर आया. NDTV
सड़क पर चहलकदमी करते नजर आया
एक मगरमच्छ मुख्य सड़क पर चहलकदमी करता नजर आया. सड़क पर मगरमच्छों को देखकर कुछ देर के लिए राहगीरों एंव वाहनों की आवाजाही थम गई. शेरपुर के ग्रामीणों के मुताबिक, रणथंभौर के जंगलों में हुई तेज बारिश के कारण रणथंभौर स्थित अटल सागर एंव मिश्रदर्रा व आड़ा बालाजी जलाशय से मगरमच्छ बहकर नाले में आ गए.
यह भी पढ़ें: राजस्थान के 40 लाख बच्चों के खाते में आएंगे 250 करोड़ रुपये, सीएम भजनलाल स्टूडेंट्स को टैबलेट भी वितरित करेंगे