विटामिन सी का खजाना आमड़ा, स्वाद के साथ सेहत का भी साथी 

खट्टा मीठा स्वाद और भरपूर पोषण से भरपूर आमड़ा सेहत का अनमोल फल है. आंवले के बाद इसे विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है जो इम्युनिटी पाचन और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

Health News: आमड़ा जिसे वैज्ञानिक भाषा में स्पोंडियास पिन्नाटा कहा जाता है स्वाद के साथ सेहत का भी बेहतरीन साथी है. यह फल आंवले के बाद विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. आमड़ा खट्टा मीठा होता है और गर्मियों में खूब मिलता है. इसका नियमित सेवन शरीर को कई तरह से मजबूत बनाता है.

बिहार में आमड़ा की खास पहचान

बिहार सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के अनुसार आमड़ा प्रकृति का अनमोल उपहार है. यह मध्यम आकार का वृक्ष होता है जो धीरे धीरे बढ़ता है. बिहार के ग्रामीण इलाकों में यह पेड़ घरों के आसपास या खेतों के किनारे आसानी से देखने को मिल जाता है. स्थानीय लोगों के बीच यह फल काफी लोकप्रिय है.

पोषक तत्वों से भरपूर फल

आमड़ा के फल छोटे गोल और हरे पीले रंग के होते हैं. इनमें विटामिन सी के साथ आयरन कैल्शियम फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि यह फल इम्युनिटी बढ़ाने पाचन सुधारने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है.

चटनी अचार और सब्जी में खास

भारतीय घरों में आमड़ा का इस्तेमाल चटनी अचार और सब्जी के रूप में किया जाता है. इसका खट्टा स्वाद खाने का स्वाद बढ़ा देता है. गर्मियों में इसकी ताजी चटनी और साल भर इसके अचार का खूब सेवन किया जाता है.

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आयुर्वेद में आमड़ा का महत्व

आयुर्वेद में आमड़ा को औषधीय फल माना गया है. इसके फल पत्तियां छाल और बीज कई बीमारियों में काम आते हैं. यह कब्ज दूर करता है भूख बढ़ाता है त्वचा रोगों में लाभ देता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. आमड़ा में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं. इससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है और शरीर लंबे समय तक स्वस्थ रहता है.

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