Rajasthan News: राजस्थान में सरहद पार से चल रहे जासूसी के नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश हुआ है. जैसलमेर के पोकरण (नेहड़ान गांव) से गिरफ्तार किए गए ISI एजेंट झबराराम को आज (31 जनवरी, 2026) जयपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. सीआईडी इंटेलिजेंस और आईबी (IB) की टीमें अब इस जासूस से देश की सुरक्षा से जुड़े गहरे राज उगलवाएंगी.
ऐसे फंसा जाल में
झबराराम अपने गांव में एक ई-मित्र (E-Mitra) सेंटर चलाता था. शुरुआती जांच में पता चला है कि वह सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में आया. पाकिस्तानी हसीना ने उसे हनीट्रैप में फंसाया और भारी धनराशि का लालच देकर भारतीय सेना की सामरिक सूचनाएं मांगना शुरू कर दिया.
WhatsApp जासूसी का नया तरीका
आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है. उसने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का OTP पाकिस्तानी हैंडलर्स को दिया था. इस ओटीपी का उपयोग कर पाक एजेंटों ने भारतीय नंबरों से वॉट्सऐप डाउनलोड किया, ताकि वे भारत के लोगों को मैसेज भेज सकें और जासूसी की गतिविधियां संचालित कर सकें.
जांच में मिले ये पुख्ता सबूत
आरोपी के मोबाइल की जांच में ISI हैंडलरों के साथ की गई चैट और कई अहम सुराग मिले हैं. सीआईडी इंटेलिजेंस ने उसके घर से एक लैपटॉप बरामद किया है, जिसे मोबाइल के साथ फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. झबराराम पर आरोप है कि उसने सीमावर्ती इलाकों और सेना की गतिविधियों की गोपनीय फोटो और जानकारी पाक एजेंसी को भेजी.
गुप्त बातें अधिनियम के तहत मामला दर्ज
झबराराम के खिलाफ शासकीय गुप्त बातें अधिनियम (Official Secrets Act) 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इंटेलिजेंस एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और आरोपी ने किन-किन माध्यमों से पैसे लिए थे.
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