सिविल लाइन पुलिस ने डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में आरोपी विष्णु जाट को कोर्ट के प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है. विष्णु जाट अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. कड़ी सुरक्षा के बीच उसे सिविल लाइन थाने लाया गया. इस दौरान मीडिया से बातचीत में उसने कहा कि बैरक में आपसी झगड़ा हो गया था, जिसके बाद उसने जगन पर हमला किया और उसकी मौत हो गई.
सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर विष्णु जाट को गिरफ्तार किया गया है. अब उससे विस्तृत पूछताछ कर घटना के कारण, हमले की पूरी परिस्थितियों और जेल के भीतर हुई वारदात के हर पहलू की जांच की जाएगी. पुलिस यह भी पता लगाएगी कि घटना पूरी तरह आपसी विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी.
पुलिस पूछताछ में विष्णु जाट का खुलासा
सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान विष्णु जाट ने कहा कि वह जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके सदस्यों को पसंद नहीं करता था. उसने यह भी बताया कि वह जेल प्रहरियों को भी ज्यादा तवज्जो नहीं देता था. पुलिस के अनुसार जेल के भीतर विष्णु जाट का अन्य कैदियों से अक्सर विवाद होता रहता था.
जेल में कैसा है विष्णु जाट का व्यवहार?
थाना प्रभारी ने बताया कि अब तक की पूछताछ में विष्णु जाट का व्यवहार काफी आक्रामक और झगड़ालू सामने आया है. छोटी-छोटी बातों पर वह लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाता था. पूछताछ में यह भी सामने आया कि 29 जून को घटना वाले दिन जगन गुर्जर ने विष्णु जाट को अपने सेल में लूडो खेलने के लिए बुलाया था.
जेल नियमों के अनुसार दिन के समय कैदी आपसी सहमति से एक-दूसरे के सेल में जा सकते हैं, लेकिन रात में प्रत्येक कैदी को उसी बैरक या सेल में रहना होता है जो उसे मिली होती है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इससे पहले भी जेल के अंदर लॉरेंस गैंग से जुड़े एक सदस्य के साथ विष्णु जाट का विवाद हो चुका था.
दरअसल, 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल की बैरक में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर पर साथी बंदी विष्णु जाट ने हमला कर दिया था. गंभीर रूप से घायल जगन गुर्जर को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम में उसकी गर्दन की हड्डी (सर्वाइकल बोन) टूटने की पुष्टि हुई थी. इसके बाद सिविल लाइन थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई.
कौन था जगन गुर्जर?
जगन गुर्जर राजस्थान का कुख्यात डकैत था, जिस पर हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और फिरौती सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. वह लंबे समय से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था. जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह में हुई इस हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब पुलिस विष्णु जाट से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.