Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसरोवर इलाके के गोल्यावास में 7 बीघा जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. इस मामले में परिवादी शंकर लाल शर्मा ने दो थाना प्रभारियों समेत करीब 10 लोगों पर जमीन पर कब्जा करवाने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस संबंध में एसओजी में शिकायत दर्ज करवाई है.
1981 से चल रहा है जमीन का विवाद
शंकर लाल शर्मा का कहना है कि यह विवाद काफी पुराना है और इसकी जड़ें वर्ष 1981 से जुड़ी हुई हैं. उनके अनुसार इस जमीन के मूल खातेदार उनके दादा पूराराम थे. पूराराम के पांच बेटे इस जमीन के वारिस बने थे.
शंकर लाल का आरोप है कि जमीन का कोई वैध सौदा कभी हुआ ही नहीं. केवल 1981 में एक सादे कागज पर एग्रीमेंट किया गया था जो कभी पूरा नहीं हुआ. इसके बावजूद कुछ लोग जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं.
हाईकोर्ट में चल रहा है मामला
परिवादी का कहना है कि जमीन से जुड़ा विवाद राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है. इसके बावजूद तत्कालीन शिप्रापथ थाने के एसएचओ नरपत सिंह ने उनके खिलाफ मामले दर्ज करवा दिए और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि अब पत्रकार कॉलोनी थाने के एसएचओ मदन कड़वासरा सहित अन्य अधिकारी कथित भूमाफियाओं के साथ मिलकर जमीन पर कब्जा करवाने की कोशिश कर रहे हैं.
शिकायत के बाद धमकाने का भी आरोप
शंकर लाल शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि एसओजी में शिकायत देने के बाद उन्हें फोन कर धमकाने की कोशिश की गई. उनका कहना है कि एसएचओ मदन और अशोक शर्मा की ओर से उन्हें डराने का प्रयास किया गया.
एसएचओ ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
इस मामले में पत्रकार कॉलोनी थाना प्रभारी मदन कड़वासरा ने सभी आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि शंकर लाल शर्मा खुद आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ करीब 10 मामले दर्ज हैं. उन्होंने कहा कि शंकर लाल पहले भी कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें कर चुका है और जमीन से जुड़े मामलों में लोगों को परेशान करता है.