Rajasthan News: जयपुर में सस्पेंडेड लेक्चरर मनोहर भादू सुसाइड मामले में धरना खत्म हो गया. इस धरने में बीते दिन पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई भी शामिल हुए थे. शुक्रवार (6 फरवरी) को धरना समाप्त करते हुए परिजनों ने बताया कि जो भी मांग थी, वह सरकार ने मान ली है. मृतक मनोहर भादू ने सुसाइड नोट में एसओजी अधिकारियों पर आरोप लगाए थे. सरकार ने आरोपी एसओजी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर सहमति जताई.
एसओजी के 2 आरोपियों पर आरोप
राजधानी जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने वाले व्याख्याता मनोहरलाल भादू (35) ने ने जान दे दी थी. मृतक ने 4 पन्नों के सुसाइड नोट में विशेष अभियान समूह के 2 अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था और सवाई मानसिंह अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर धरना शुरू कर दिया था.
परिजनों की सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम
मृतक के चचेरे भाई ठाकरराम ने पत्रकारों को बताया कि धरना तब वापस लिया गया जब प्रशासन ने परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी देने, सभी सेवा संबंधी लाभ प्रदान करने, आरोपी एसओजी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर सहमति जताई. पुलिस उपाधीक्षक रामकिशन विश्नोई ने परिवार से बातचीत कर धरना समाप्त करवाया. परिवार की सहमति के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
डमी प्रकरण में आरोपी था भादू
भादू को 2021 में किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने के मामले में आरोपी बनाया गया था. इसके बाद उसे व्याख्याता पद से निलंबित कर दिया गया था. सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि एसओजी के दो अधिकारी उन्हें झूठे मामलों में फंसा कर परेशान कर रहे थे.
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