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जैसलमेर: दुर्लभ कैरेकल बिल्ली को जलाकर मारने पर 3 गिरफ्तार, रेतीले टीले में मिला आधा जला शव

वन विभाग ने बरामद शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर आवश्यक सैंपल लिए हैं. इन सैंपलों को आगे की जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैरेकल की मौत कैसे हुई?

जैसलमेर: दुर्लभ कैरेकल बिल्ली को जलाकर मारने पर 3 गिरफ्तार, रेतीले टीले में मिला आधा जला शव
जैसलमेर: दुर्लभ कैरेकल बिल्ली को जलाकर मारने पर 3 गिरफ्तार

Rajasthan News: भारत-पाक बॉर्डर पर जैसलमेर के शाहगढ़ बल्ज इलाके में दुर्लभ वन्यजीव कैरेकल बिल्ली को जलाकर मारने का मामला सामने आया है. शनिवार से घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसके बाद वन विभाग ने टीम का गठन कर वीडियो की पड़ताल कर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ कर पूछताछ शुरु कर दी है. विभाग ने आरोपियों के कब्जे से एक ट्रैक्टर भी जब्त किया है, जबकि मौके से कैरेकल का अधजला शव बरामद किया गया है.

वीडियो में मृत कैरेकल के पास दिखे 2 व्यक्ति

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में तीन व्यक्ति मृत कैरेकल के पास खड़े दिखाई दे रहे थे. वीडियो में कैरेकल लकड़ियों के ढेर पर पड़ी नजर आ रही है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जानवर को जलाने की कोशिश की गई थी. वीडियो सामने आते ही वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की. जिला वन अधिकारी कुमार शुभम ने बताया कि मामले में शाहगढ़ निवासी 32 वर्षीय इब्राहिम खान, 31 वर्षीय उमा और 50 वर्षीय सलिदाद को गिरफ्तार किया गया है. तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

आरोपियों के पास से एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया है, जिसका उपयोग घटना के दौरान किया गया था. वन विभाग के अनुसार, 14 मार्च को सोशल मीडिया पर कैरेकल की हत्या से जुड़ा वीडियो सामने आया था. वीडियो सामने आते ही सम रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमों का गठन कर तलाशी अभियान चलाया गया. जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे तीनों व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर शाहगढ़ के रेतीले टीलों में तलाश की गई, जहां से कैरेकल का आधा जला हुआ शव बरामद हुआ.

कैरेकल की कैसे हुई मौत? जांच के लिए भेजे सैंपल

वन विभाग ने बरामद शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर आवश्यक सैंपल लिए हैं. इन सैंपलों को आगे की जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कैरेकल की मौत कैसे हुई? प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि किसी जंगली जानवर ने उनके करीब 50 मवेशियों को मार दिया था. इसके बाद उन्होंने पैरों के निशानों के आधार पर जानवर का पीछा किया. उनका कहना है कि जब वे उसके पीछे दौड़े तो वह भागते-भागते खुद ही मर गई, हालांकि वन विभाग इस दावे की जांच कर रहा है.

कैरेकल भारत में अत्यंत दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों में गिना जाता है. राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों में इसकी संख्या बहुत कम रह गई है. जैसलमेर और आसपास के कुछ क्षेत्रों में ही इसकी उपस्थिति दर्ज की जाती है. ऐसे में इस तरह की घटना वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है. वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

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