विज्ञापन

जैसलमेर में पहली बार इंदिरा गांधी नहर में दिखा 5 फीट का घड़ियाल, पंजाब से आया बहकर

राजस्थान के जैसलमेर में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार 5 फुट लंबा घड़ियाल देखा गया. पंजाब से बहकर आए इस पानी के जीव को लेकर वन विभाग अलर्ट पर है.

जैसलमेर में पहली बार इंदिरा गांधी नहर में दिखा 5 फीट का घड़ियाल, पंजाब से आया बहकर
करीब 5 फीट लंबे घड़ियाल इंदिरा गांधी नहर में दिखा
NDTV

Jaisalmer News: राजस्थान की स्वर्ण नगरी जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर में पहली बार घड़ियाल दिखाई देने से वन विभाग के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण भी हैरान हैं. करीब पांच फीट लंबे इस घड़ियाल को नहर में तैरते हुए ग्रामीणों ने देखा तो उसका वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया. घड़ियाल के देखे जाने पर वन विभाग का कहना है कि यह  पंजाब के हरीके बैराज से छोड़े गए पानी के साथ बहते हुए इंदिरा गांधी नहर परियोजना के इस हिस्से तक पहुंचा है. रेगिस्तानी क्षेत्र में घड़ियाल की मौजूदगी को अधिकारियों ने असामान्य और जिले का पहला दर्ज मामला बताया है.

 इंदिरा गांधी नहर में दिखा घड़ियाल

ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार शाम आवाय गांव के कुछ युवक इंदिरा गांधी नहर के किनारे से गुजर रहे थे. इसी दौरान उनकी नजर पानी में तैर रहे एक बड़े जलीय जीव पर पड़ी. पहले उन्हें समझ नहीं आया कि यह कौन-सा जीव है, लेकिन करीब से देखने पर उन्होंने उसका वीडियो और तस्वीरें अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लीं. 

वीडियो गांव में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में लोग नहर के किनारे पहुंच गए. इसके बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से यह घड़ियाल रोजाना शाम के समय दिखाई दे रहा है. अब यह आवाय गांव से आगे बढ़कर पोकरण लिफ्ट के आसपास के क्षेत्र में भी नजर आया है, जिससे लोगों में उत्सुकता के साथ हल्की चिंता भी बनी हुई है.

नहर के किनारे और पास जाने से बचे

उप वन संरक्षक कुमार शुभम ने बताया कि घड़ियाल मगरमच्छ परिवार का सदस्य जरूर है, लेकिन इसकी बनावट सामान्य मगरमच्छ से अलग होती है.इसका लंबा और पतला जबड़ा मुख्य रूप से मछलियां पकड़ने के लिए अनुकूल होता है, इसलिए यह सामान्य परिस्थितियों में इंसानों पर हमला नहीं करता. उन्होंने आगे बताया कि लोगों को इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से नहर के किनारे जाने से बचना चाहिए.  

घड़ियाल का रेस्क्यू करना अभी संभव नहीं

वही वन विभाग आईजीएनपी स्टेज-2 के डीएफओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य नहर में इस समय पानी का बहाव काफी तेज है, इसलिए बीच धारा में घड़ियाल का रेस्क्यू करना तकनीकी रूप से अभी संभव नहीं है. इसे लेकर विभाग की टीम वन्यजीव विशेषज्ञों के संपर्क में है और जैसे ही घड़ियाल किसी डिग्गी, कम गहराई वाले हिस्से या सुरक्षित स्थान पर पहुंचेगा, उसका तुरंत  रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा.

 उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में भी नहर बंदी के दौरान घड़ियाल देखे जाने की सूचनाएं मिली थीं, लेकिन रेगिस्तानी जैसलमेर में इस तरह खुले तौर पर घड़ियाल दिखाई देने का यह पहला मामला माना जा रहा है.। वन विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी नई सूचना की तुरंत विभाग को जानकारी देने की अपील की है.

यह भी पढ़ें: जैसलमेर में 250 साल पुरानी दरगाह पर बुलडोजर चलेगा या नहीं? 7 द‍िन बाद होगा फैसला 

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close