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झालावाड़ के MBBS छात्र की मंडावर पर रिसर्च लाई रंग, अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगा 350 परिवारों का दर्द

झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र कार्तिक लड्डा का फ्लोराइड समस्या पर शोध पत्र अमेरिका के वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च के लिए चुना गया है.

झालावाड़ के MBBS छात्र की मंडावर पर रिसर्च लाई रंग, अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगा 350 परिवारों का दर्द
Kartik Ladda MBBS Student, Jhalawar
NDTV

 Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक बेहद गौरवशाली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ गई है. जिले के मेडिकल कॉलेज के एक छात्र ने अपनी शोध क्षमता के बल पर  जिले और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है. जिले के ग्रामीण   क्षेत्र मंडावर में पीने के पानी में फ्लोराइड की गंभीर समस्या पर किए गए  एक विशेष शोध पत्र का चयन अमेरिका में आयोजित होने वाले विश्व स्तरीय मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च सम्मेलन के लिए हुआ है.

11-12 जुलाई को अमेरिका में गूंजेगा झालावाड़ का नाम

दरअसल, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र कार्तिक लड्डा के जरिए तैयार किया शोध पत्र अमेरिका स्थित वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च में प्रस्तुति के लिए चयनित हुआ है. जिसे आगामी 11- 12 जुलाई को मेरिका में आयोजित होने वाले विश्व स्तरीय मेडिकल स्टूडेंट्स रिसर्च सम्मेलन में प्रस्तुति के लिए चुना गया है . इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कार्तिक ऑनलाइन के जरिए अपने शोध का निष्कर्षों को  दुनिया भर के विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के सामने प्रस्तुत करेंगे.

‎कार्तिक की यह शोध मंडावर कस्बे की पेयजल गुणवत्ता और वहां के भूजल में मौजूद खतरनाक फ्लोराइड की समस्या पर केंद्रित है. यह रिसर्च मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शकीला मुल्ला के मार्गदर्शन में संपन्न हुई है.

fluoride Water Problem Mandawar

फ्लोराइड पानी
Photo Credit: NDTV

 दुनिया भर के चुनिंदा 30 शोध पत्रों में मिली जगह

‎झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय पोरवाल के अनुसार यह उपलब्धि संस्थान में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को दिए जा रहे प्रोत्साहन का परिणाम है. इस सफलता की खास बात यह है कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए पूरी दुनिया से केवल 30 शोध पत्रों का चयन किया गया है, जिसमें भारत से कार्तिक लड्डा का शोध भी शामिल है.

350 परिवारों के 1002 लोगों पर किया गया गहन अध्ययन

कार्तिक ने अपने इस विस्तृत अध्ययन की शुरुआत साल 2025 में की थी. इस अध्ययन में उसने मंडावर कस्बे के 350 परिवारों के कुल 1002 सदस्यों को शामिल किया था.  करीब छह महीने तक चले इस सर्वेक्षण और अध्ययन के दौरान क्षेत्र की जल गुणवत्ता और उससे जुड़े स्वास्थ्य प्रभावों का विस्तृत तरीके से विश्लेषण किया गया.

‎शोध के निष्कर्षों में सामने आया कि मंडावर क्षेत्र के अधिकांश परिवार पूरी तरह से भूजल पर निर्भर हैं. लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से दांतों और हड्डियों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है.  हालांकि , इस अध्ययन में फ्लोराइड की समस्या को कम करने के लिए कुछ सरल घरेलू उपाय भी सुझाए गए हैं.
 

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