Jodhpur Power Breakdown: बीते शनिवार देर शाम आए भीषण आंधी-तूफान ने जोधपुर और उसके आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है. जोधपुर डिस्कॉम के बिजली नेटवर्क पर लगा है, जहां तेज हवाओं के कारण हजारों बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए और कई ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. तूफान की वजह से संभाग के कई जिलों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई. हालांकि, जोधपुर डिस्कॉम का दावा है कि फील्ड में टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं और अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में जल्द ही बिजली व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी.
12 हजार पोल टूटे, पावर ट्रांसफॉर्मर भी फुंका
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, पूरे जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्र में करीब 12 हजार बिजली के खंभे प्रभावित हुए हैं, जिनमें से अकेले जोधपुर शहर में ही 100 से अधिक पोल गिरे हैं. इसके कारण कई इलाकों में अंधेरा छा गया. नुकसान सिर्फ लाइनों तक सीमित नहीं रहा; शहर में 315 केवीए क्षमता के चार बड़े ट्रांसफॉर्मरों की डीपी क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि 8 एमवीए क्षमता का एक बड़ा पावर ट्रांसफॉर्मर भी जल गया.इसके चलते बिजली बहाली का काम बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डिस्कॉम के ट्रिपल-सी (CCC) कॉल सेंटर में महज 12 घंटे के भीतर 10 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं.
चीफ इंजीनियर ने बताया नुकसान का पूरा गणित
जोधपुर डिस्कॉम के चीफ इंजीनियर प्रेम सिंह चौधरी के अनुसार, इस आंधी-तूफान से जोधपुर जोन को भारी नुकसान पहुंचा है. आंकड़े बताते हैं किजोधपुर जोन में 6011 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए, 302 वितरण ट्रांसफार्मर खराब हुए, जबकि 65 (33 केवी) और 1423 (11 केवी) फीडर प्रभावित हुए। कुल 1128 गांवों और कस्बों की बिजली गुल हुई, जिनमें से 719 गांवों में सप्लाई बहाल कर दी गई है. पाली सर्किल में यहां 652 पोल टूटे और 866 गांव प्रभावित हुए, जिनमें से 679 गांवों में बिजली वापस आ चुकी है. जिला और फलोदी क्षेत्र में जोधपुर जिला क्षेत्र में 2254 और फलोदी क्षेत्र में रिकॉर्ड 2944 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं.
पेयजल और अस्पताल पहली प्राथमिकता
शनिवार रात को आए अंधड़ के तुरंत बाद ही जोधपुर डिस्कॉम ने राहत और बहाली का महाअभियान शुरू कर दिया था। कंट्रोल रूम से इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल खुद शनिवार रात से मुख्यालय स्तर पर डटे हुए हैं और जोधपुर, बाड़मेर तथा बीकानेर जोन के अधिकारियों से पल-पल का फीडबैक ले रहे हैं.
एमडी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों, पेयजल योजनाओं और शहरी क्षेत्रों में सबसे पहले प्राथमिकता के आधार पर बिजली बहाल की जाए. वर्तमान में डिस्कॉम के अभियंता, तकनीकी कर्मचारी और एफआरटी की कॉन्ट्रैक्टर टीमें फील्ड में तैनात हैं, जो टूटे पोल बदलने, तारों को दुरुस्त करने और ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत के काम में जुटी हुई हैं. डिस्कॉम का दावा है कि शेष बचे ग्रामीण इलाकों में भी जल्द ही बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी.
यह भी पढ़ें: पाली: मिलावटखोरों पर वार, 8000 किलो नकली मसाला जब्त, हल्दी-मिर्च पाउडर के सैंपल सीज