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मरुस्थल में ‘कश्मीर’ जैसा नजारा, लेकिन किसानों के लिए बन गई आफत

राजस्थान के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओलावृष्टि का नजारा देखने को मिला. जयपुर से लेकर जैसलमेर तक सभी जगह तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई.

मरुस्थल में ‘कश्मीर’ जैसा नजारा, लेकिन किसानों के लिए बन गई आफत
मरुस्थल में बर्फ की चादर

Rajasthan Rain: राजस्थान में शुक्रवार (3 अप्रैल) की शाम को अचानक से मौसम ने करवट ली. प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओलावृष्टि का नजारा देखने को मिला. जयपुर से लेकर जैसलमेर तक सभी जगह तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई. हालांकि जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में अलग ही नजारा देखने को मिला. नाचना क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कुदरत का अनोखा लेकिन भयावह रूप दिखाया. यहां तपते रेतीले धोरों पर अचानक हुई भारी ओलावृष्टि से पूरा इलाका सफेद चादर में ढक गया. यह मरुस्थल में कश्मीर जैसा नजारा था.

यहां करीब 20 मिनट तक गिरे ओलों ने मरुस्थल को कश्मीर जैसा दृश्य तो दिया, लेकिन किसानों के लिए यह किसी बड़ी आपदा से कम नहीं रहा. शाम करीब 4.30 बजे नाचना थाना क्षेत्र के जाला राम की चक्की व अलीपुरा में काले घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि शुरू हो गई. ओलों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कुछ ही समय में खेतों में सफ़ेद मोटी परत जम गई.

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किसानों की मेहनत पर फेरा पानी

वहीं पिथोडाई गांव में भी सुबह करीब 15 मिनट तक तेज बारिश और ओले गिरने से हालात बिगड़ गए. इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. नाचना और आसपास के इलाकों में जीरा और इसबगोल जैसी नकदी फसलें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं. ओलों की मार से जीरे के दाने झड़ गए, जबकि नमी और लगातार प्रहार से इसबगोल की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. कई किसानों की कटी हुई फसल भी खेतों में खराब हो गई.

मौसम विभाग ने जैसलमेर सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग ने आगामी दिनों में तेज आंधी, मेघगर्जना और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है.

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सवाई माधोपुर में भी दिखा यही नजारा

सवाई माधोपुर में करीब 30 मिनट तक निरंतर हुई ओलावृष्टि से खेतों और रास्तों पर सफेद चादर बिछ गई। ग्रामीणों के अनुसार, ओलों का आकार काफी बड़ा था, जिससे जनजीवन भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. इस बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है. स्थानीय किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल कटाई के लिए लगभग तैयार थी, लेकिन ओले गिरने से बालियां टूटकर जमीन पर बिछ गई हैं. किसानों ने बताया कि इस बरसात से दाना काला पड़ने और फसल के झड़ने का डर है, जिससे पैदावार में भारी गिरावट आएगी.

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