khatu Shyam Baba: विश्व प्रसिद्ध बाबा खाटूश्याम के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है. शुक्रवार को बसंत पंचमी, उसके बाद शनिवार और रविवार को वीकेंड, फिर सोमवार को गणतंत्र दिवस की छुट्टियों के कारण रींगस रेलवे स्टेशन से लेकर खाटूश्यामजी के दरबार तक भक्तों का ताता लगा रहा है. रींगस रेलवे स्टेशन पर तो पैर रखने की जगह नहीं रही. शुक्रवार से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का रेला सोमवार 26 जनवरी को चरम पर पहुंच गया. जानकारी के अनुसार, गणतंत्र दिवस के दिन 5 लाख से अधिक भक्त बाबा खाटूश्याम जी के दर्शन करने पहुंचे हैं.
NH-52 पर रेंगते रहे वाहन
रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या इतनी बढ़ गई कि रींगस से खाटू तक जगह-जगह जाम लग गया. एनएच–52 पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. शहर की सड़कों पर भी जाम से आम जनजीवन प्रभावित हुआ. कई जगह एम्बुलेंस भी फंस गई, जिससे मरीजों की स्थिति चिंता का विषय बन गई. सीमित स्टाफ के कारण पुलिस प्रशासन खुद को बेबस महसूस करता नजर आया.

रविवार को 13 लाख से अधिक का टिकट कटा
स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल बाजिया ने बताया कि रविवार को 13 लाख रुपये से अधिक की टिकट काटी गई है, जबकि ऑनलाइन टिकटों को जोड़ने पर यह आंकड़ा 30% तक बढ़ गया. इस प्रकार प्रतिदिन का राजस्व 15–16 लाख रुपये तक पहुंच रहा है, जो रींगस जंक्शन के लिए अब तक का रिकॉर्ड माना जा रहा है. राजस्व के मामले में इस समय रींगस रेलवे स्टेशन राजस्थान में जयपुर के बाद दूसरे स्थान पर है. रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सोमवार को रींगस से दिल्ली के लिए एक अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन भी चलाई, जिससे दिल्ली की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली.
श्याम भक्तों की परंपरा है कि वे रींगस से खाटूधाम की 17 किलोमीटर पैदल यात्रा तय करते हैं और फिर मंदिर परिसर में लगभग 5 किलोमीटर घूमकर बाबा श्याम के दर्शन करते हैं. यह लंबी दूरी तय करने के बाद श्रद्धालु थकान मिटाने के लिए स्टेशन पर ही विश्राम करते हैं. स्टेशन परिसर में बना यात्री विश्राम शेल्टर भर चुका है. ऐसे में रेलवे द्वारा 5,000 यात्रियों की क्षमता वाला नया बड़ा शेल्टर तैयार कराया जा रहा है.
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