राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को स्वाइन फ्लू हो गया है. मंगलवार, 25 अगस्त की शाम सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया. जांच में उन्हें स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण होने का पता चला जिसके बाद उन्हें एसएमएस अस्पताल के आईसीयू वार्ड में एडमिट किया गया जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है. मीणा को स्वाइन फ्लू होने की जानकारी ऐसे दिन आई जब उसी दिन प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्वाइन फ्लू समेत मौसमी बीमारियों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए थे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, चिकित्सा मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई नेताओं और मीणा के शुभचिंतकों ने मीणा को शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है.
सीएम ने फोन पर की बात
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से फोन पर बात की है और उनकी कुशलक्षेम पूछी है. मुख्यमंत्री ने कल रात को भी मीणा के भाई जगमोहन मीणा से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी. सीएम ने साथ ही एसएमएस मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल दीपक माहेश्वरी को बेहतर चिकित्सा के निर्देश दिए थे. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर मीणा को स्वास्थ्य लाभ के लिए संदेश लिखा है.
राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री श्री किरोड़ी लाल मीणा के अस्वस्थ होने का समाचार मिला है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 26, 2026
मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।
चिकित्सा मंत्री ने दिए निर्देश
मंगलवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बारिश के दौरान मौसमी बीमारियों डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया एवं स्क्रबटाईफस के साथ ही स्वाइन फ्लू आदि से बचाव एवं रोकथाम गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए. उन्होंने कहा कि हाई रिस्क क्षेत्र में टीम बनाकर नियमित रूप से निगरानी की जाए.
चिकित्सा मंत्री ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में मौसमी बीमारियों, चिकित्सा संस्थानों में एक्विपमेंट्स, जांच एवं दवाईयों की उपलब्धता सहित विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से समीक्षा की. साथ ही उन्होंने सभी संयुक्त निदेशकों से संभागवार चर्चा कर फीडबैक भी लिया. उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू से बचाव एवं रोकथाम गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जाए. उन्होंने स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण के लिए सघन मॉनिटरिंग करने एवं उपचार तथा जांच सेवाओं की उपलब्धता पर विशेष बल दिया.
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