Ajmer News: राजस्थान की मार्बल सिटी किशनगढ़ इन दिनों भक्ति के रंग में सराबोर है. मौका है एक ऐसे आध्यात्मिक महासंगम का, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई देने वाली है. आगामी 22 फरवरी को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किशनगढ़ पहुंच रहे हैं, जहां उनके सानिध्य में आस्था का एक नया अध्याय लिखा जाएगा.
इस भव्य आयोजन की चर्चा उस वक्त तेज हो गई, जब अग्रसेन भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आयोजन से जुड़ी परतें एक-एक कर खुलीं. मा भारती रक्षा मंच संस्थान और सनातन परिवार के तत्वावधान में होने वाला यह कार्यक्रम किशनगढ़ की धरा पर अब तक का सबसे बड़ा आध्यात्मिक जमावड़ा माना जा रहा है.
जिले की सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण
समारोह का मुख्य केंद्र मयूरा सिटी होगा, जहां जिले की सबसे ऊंची 41 फीट की बालाजी प्रतिमा का अनावरण खुद धीरेंद्र शास्त्री करेंगे. लेकिन यह आयोजन सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं है. सनातन धर्म के साथ-साथ यहां 'सेवा' का संकल्प भी दिखेगा, क्योंकि इसी दिन बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज डे-केयर सेंटर और मरीजों के लिए इलेक्टोपैथी चिकित्सालय की नींव भी रखी जाएगी.
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी होंगी शामिल
इस महाकुंभ में भक्ति के साथ-साथ राजनीति के दिग्गज भी एक मंच पर नजर आएंगे. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शिरकत करेंगी, जबकि अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी करेंगे. यही नहीं, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बेरवा और कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत की मौजूदगी इस आयोजन को और भी भव्य बनाएगी.
21 फरवरी से शुरू हो जाएगा सिलसिला
भक्ति का यह सिलसिला 21 फरवरी से ही शुरू हो जाएगा, जब प्रखर वक्ता काजल हिंदुस्तानी अपने विचारों से युवाओं में जोश भरेंगी. आयोजन समिति के रमेश गहलोत और श्याम मनोहर पाठक का कहना है कि किशनगढ़ के इतिहास में यह एक मील का पत्थर साबित होगा. फिलहाल, पोस्टर और फोल्डर विमोचन के साथ ही पूरे शहर को इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का न्योता दिया जा चुका है.
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