
प्रदेश के अन्य जिलों में श्रावण मास पहले ही समाप्त हो गया है, लेकिन बांसवाड़ा जिले में आज श्रावण मास का अंतिम सोमवार है. इस अवसर पर जिले के प्रसिद्ध शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ भोले के दर्शन के लिए उमड़ रही है. वहीं जगह-जगह भोले की शाही सवारी भी गाजे-बाजे के साथ निकाली जा रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक बागीदौरा क्षेत्र के नौगामा गांव में श्रावण मास के अंतिम दिन भगवान भोले नाथ की शाही सवारी बड़े हर्षोल्लास और भक्ति भाव से निकाली गई. शाही सवारी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई भूतों की टोली और अखाड़ा आदि आकर्षण का केंद्र रहे.
भजनों पर प्रस्तुत किए आकर्षक नृत्य
भूतों की टोली शाही सवारी के साथ नोगामा गांव के रुद्रेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई, जो विभिन्न मोहल्लों से भोलेनाथ के जयकारे लगाती हुई निकली. बैंड बाजों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूमते दिखे. शोभायात्रा में भूतों की टोली ने भोले की भजनों पर घंटों तक आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर भक्तों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया.

श्रावण मास के अंतिम सोमवार में विशेष अनुष्ठान
श्रावण मास का अंतिम सोमवार होने से जिले के प्रसिद्ध शिवालयों में भी विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं. लोढ़ी काशी कहे जाने वाले वागड़ अंचल के जिले में श्रावण मास के दौरान शहर के मंदारेश्वर, त्रयंबकेश्वर, भगोरेश्वर, वनेश्वर, बिलेश्वर, नीलकंठ, अलोपोश्वर, अंकलेश्वर, भीमेश्वर, सोमनाथ, भरकड़िया महादेव, स्थूलेश्वर, हाटकेश्वर, चारणेश्वर, सहित सभी शिवालयों में शिव पूजन, जपानुष्ठान, प्रति सोमवार अलग से श्रृंगार, भजन कीर्तन आदि के आयोजन हो रहे हैं.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बांसवाड़ा जिले के जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि श्रावण मास के अंतिम सोमवार को जिले के सभी शिवालयों में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से भी सभी शिवालयों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.