Madan Dilawar: राजस्थान के शिक्षा मंत्री और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दे डाली है. जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में बुधवार (11 मार्च) को आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय वनस्पतिक बीज बैंक कार्यशाला में उपस्थित प्रदेश के विकास अधिकारियों को संबोधित करते हुए मदन दिलावर ने अधिकारियों को चेतावनी और नसीहत देते हुए कहा, भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भ्रष्टाचार पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है. मंत्री दिलावर ने कहा कि सड़क को तलब नहीं बताएं, अब यह नहीं चलेगा. काम तो करना ही पड़ेगा.
मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मैं सब पर तो निगाह नहीं रख सकता, परंतु जो चक्कर में आ गया उसे छोडूंगा नहीं. पैसा खुर्द बुर्ध करने वालों से एक-एक पाई की वसूली करूंगा. उन्होंने कहा कि आप मेरे दुश्मन नहीं है. अच्छा काम करोगे तो पुरस्कृत करूंगा गलती की तो दंड भी भुगतना ही पड़ेगा.
प्रदेश के 30 जिलों में कुल 150 बीज बैंक स्थापित
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2024- 25 की बजट घोषणा में इस बात की चिंता कर कहा है कि हमारी गौ माता एवं पशु पक्षियों के जीवन यापन के लिए गोचर, औरण भूमियों में घास, चारा उगाया जाए तथा वृक्षारोपण कर विकसित किया जाए. इसके लिए जरूरी है घास/ देशी /देशी वृक्षों के बीच संग्रहित और संरक्षित हो. गांव में चारा / घास एवं देसी वृक्षों के बीच संग्रहण/ संरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं थी, इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने वर्ष 2024- 25 की बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश के 30 जिलों में कुल 150 बीज बैंक स्थापित किए हैं. गत वर्ष 22 अप्रैल 2025 को इन वनस्पति बीज बैंकों का उद्घाटन किया गया था.
मंत्री ने कहा कि कुछ बीज बैंक अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन बहुत सारे बीज बैंक घास, चारे, देशी बीजों का संग्रहण नहीं कर रहे.
स्थानीय प्रजाति के वनस्पति बीजों को संग्रहण कराये
मंत्री दिलावर ने कहा कि हमें इस बात की चिंता है कि राजस्थान के चारागाह का विकास में घास, चारे के बीज की कमी नहीं आये. अब यह आप सब की जिम्मेदारी है कि स्थानीय प्रजाति के वनस्पति बीजों को संग्रहण कराये, संरक्षित करें, भंडारण करें तथा जहां आवश्यकता हो वहां उपलब्ध करवाये. इसे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा तथा चारागाह विकास के कार्यों को गति भी मिलेगी एवं आमदनी भी बढ़ेगी. हमारे वनस्पति बीज बैंक विलुप्त होती प्रजाति के बीजों के संग्रहण का एक उदाहरण बनना चाहिए.
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