चारण समाज की बैठक में समाज के कई वरिष्ठ नेताओं ने मानवेंद्र सिंह जसोल और उनसे विवाह करने वाली चारण समाज की बेटी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया. साथ ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मानवेंद्र सिंह जसोल को बीजेपी से निकालने की मांग की.
राजपूत और चारण समाज में भाई-बहन जैसा संबंध
सभा में चारण समाज के प्रांतीय अध्यक्ष सीडी देवल का एक वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में उन्होंने कहा कि राजपूत और चारण समाज के बीच भाई-बहन जैसा संबंध माना जाता है, और राजपूत समाज के लोग चारण समाज की बेटियों को अपनी बहन के समान मानते हैं.
चारण समाज के साथ गहरा लगाव था
देवल ने स्वर्गीय जसवंत सिंह जसोल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका चारण समाज के साथ गहरा लगाव था. उन्होंने अपने निजी खर्च से समाज के लोगों को हिंगलाज माता मंदिर के दर्शन करवाए थे. उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह सामान्यतः उद्घाटन समारोहों में नहीं जाते थे, लेकिन लखावत साहब द्वारा निर्मित हॉस्टल के हाल के उद्घाटन के लिए वे केवल एक फोन पर यहां आए, और समाज के बीच आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया था.
सामाजिक कार्यक्रमों में आमंंत्रित नहीं करने की अपील
देवल ने आरोप लगाया कि ऐसे प्रतिष्ठित परिवार से जुड़े मानवेन्द्र सिंह जसोल ने इस विवाह से चारण समाज को ठेस पहुंचाई, और राजपूत समाज को भी कलंकित किया है. उन्होंने जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर के चारण समाज से अपील की कि वे मानवेंद्र सिंह द्वारा आयोजित किसी भी बैठक में भाग न लें और उन्हें अनावश्यक सम्मान भी न दें.साथ ही विवाह करने वाली लड़की के परिवार को भी सामाजिक कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करने की बात कही. बैठक में समाज के लोगों से अपील की गई कि ऐसे मामलों में समाज की परंपराओं और मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए एकजुट रहना जरूरी है.
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