राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर सियासत गरमा गई है. उनके बयान पर बीजेपी खेमा भी हमलावर है. केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जोधपुर और राजस्थान की दुर्दशा के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है. दरअसल, गहलोत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर पूर्व पीएम इंदिरा गांधी होती तो बीजेपी पर बैन लगा देती. इस पर मदन राठौड़ के बाद शेखावत ने भी पलटवार किया. उन्होंने मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मीडिया से बातचीत की तो कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार को भी घेरा.
गहलोत पर तंज- वो सबूत पेश नहीं कर पाए
शेखावत ने गहलोत पर निशाना साधते हुए पेयजल संकट, जल जीवन मिशन, एलिवेटेड रोड परियोजना समेत कई मुद्दों पर बात की. जुलाई-2020 के दौरान मानेसर प्रकरण और सरकार गिराने के आरोपों पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. हाल ही में गहलोत ने सचिन पायलट का जिक्र करते हुए कांग्रेस के विधायकों की बगावत का किस्सा भी बयां किया था. इससे पहले भी गहलोत शेखावत पर आरोप लगा चुके हैं. वहीं, शेखावत ने कहा कि कांग्रेस लगातार भाजपा पर सरकार गिराने का आरोप लगाती रही है, लेकिन आज तक कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाई. एक प्रमाण देकर दिखा दें कि सरकार गिराने का प्रयास हुआ था.
ऑडियो रिकॉर्डिंग विवाद पर भी बयान
शेखावत ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय अपने ही विधायकों और नेताओं की निगरानी किए जाने के आरोप सामने आए थे. वो (गहलोत) अपने विधायकों की रिकॉर्डिंग करते हैं और आरोप दूसरों पर लगाते हैं. दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए.
जोधपुर की जनता को गहलोत ने सताया- शेखावत
उन्होंने कहा कि जोधपुर की जनता को अगर किसी ने सताया है तो वो अशोक गहलोत हैं. जोधपुर की जनता को पीछे रखने का पाप किसने किया, अशोक गहलोत ने किया. केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राजस्थान को जल परियोजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाए, लेकिन कांग्रेस सरकार के राज में अनियमितताएं हुईं. इसकी वजह से आज भी प्रदेश की जनता को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
मदन राठौड़ ने गहलोत से पूछा था सवाल
इससे पहले, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि कांग्रेस आज भी उस मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है. तीन बार मुख्यमंत्री रहे गहलोत का गैर-जिम्मेदाराना शब्दावली प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है. गहलोत को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या लोकतंत्र में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार और देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की बात किसी वरिष्ठ नेता को शोभा देती है?

मदन राठौड़ ने वीडियो जारी कर गहलोत का जवाब दिया था.
गहलोत को आड़े हाथ लेते हुए राठौड़ ने पूछा था, "वे भाजपा और आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं. क्या वे 1975 को भूल गए हैं, जब कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या की थी? इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद सत्ता बचाने के लिए आपातकाल लगाया गया था और उसका राजनीतिक खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा था."
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