Pali News: कहते हैं कि हुनर डिग्री का मोहताज नहीं होता और इस बात को सच कर दिखाया है राजस्थान के पाली की विमला देवी जैन (Vimla Devi Jain) ने. महज सातवीं कक्षा तक पढ़ीं विमला देवी ने अपनी मेहनत और हौसले से एक ऐसी इबारत लिखी है, जिसकी गूंज अब अमेरिका और फ्रांस तक सुनाई दे रही है. कभी घर के खाली समय में सहेली के साथ शुरू किया गया खाखरा (Khakhra) बनाने का छोटा सा काम आज 'रिद्धि सिद्धि खाखरा उद्योग' के रूप में करोड़ों के टर्नओवर वाला ब्रांड बन चुका है.
रेल मंत्री भी हैं स्वाद के मुरीद

Photo Credit: NDTV Reporter
विमला देवी के हाथ के बने खाखरा का स्वाद साधारण नहीं है. इसकी दीवानगी का आलम यह है कि देश के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) भी इसके मुरीद हैं और विशेष रूप से पाली से इसे मंगवाते हैं. इतना ही नहीं, रूस (मास्को), अमेरिका, यूएई और फ्रांस जैसे देशों में रहने वाले भारतीय अपने रिश्तेदारों के जरिए विमला देवी के उत्पादों की डिमांड करते हैं.
90 महिलाओं को दिया रोजगार

Photo Credit: NDTV Reporter
विमला देवी की सफलता की कहानी साल 2009 में शुरू हुई थी. उन्होंने अपनी सहेली मुन्नी देवी के साथ मिलकर घर पर खाखरा बनाना शुरू किया. आज मुन्नी देवी इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन विमला देवी ने दोस्ती का धर्म निभाते हुए उनकी बहू और बेटों को आज भी अपने साथ जोड़ रखा है. वर्तमान में उनके इस उद्योग से करीब 90 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो हर महीने 12 से 15 हजार रुपये कमाकर अपने परिवार का सहारा बन रही हैं.
मशीनों के बजाय हाथों का इस्तेमाल

Photo Credit: NDTV Reporter
इस बिजनेस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मशीनें नहीं, बल्कि महिलाओं के हाथ जादू बिखेरते हैं. अनाज की पिसाई से लेकर मसालों की कुटाई तक, सब कुछ घर पर ही शुद्ध तरीके से किया जाता है. खाखरा के अलावा नीम पापड़ी, मिनी कचौरी, मूंग बड़ी और मिर्ची का अचार जैसे कई उत्पाद यहां तैयार होते हैं, जिनकी सबसे ज्यादा डिमांड पड़ोसी राज्य गुजरात में रहती है.
परिवार बना ताकत, सालाना लाखों में कमाई

Photo Credit: NDTV Reporter
शुरुआत में विमला देवी मुफ्त में खाखरा चखाकर लोगों को स्वाद से परिचित करवाती थीं. धीरे-धीरे काम बढ़ा तो पति ने भी अपना पुराना काम छोड़ दिया और अब बेटा-बहू और पति मिलकर इस 60-70 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाले बिजनेस को संभाल रहे हैं. विमला देवी की यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो कुछ बड़ा करने का सपना देखती हैं.
ये भी पढ़ें:- मेवाड़ यूनिवर्सिटी में पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश, 17 कश्मीरी छात्र गिरफ्तार; पुलिस की वर्दी भी फाड़ी!