विज्ञापन
This Article is From Jan 12, 2026

Jaipur: दूध बेचने वाला बना 'फर्जी थानेदार', खाकी पहनकर युवाओं को लगाया लाखों का चूना; ऐसे हुआ भंडाफोड़

सिंधी कैंप पुलिस ने फर्जी थानेदार बनकर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले जितेन्द्र शर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपी दूध बेचने का काम करता था. पूरी रिपोर्ट.

Jaipur: दूध बेचने वाला बना 'फर्जी थानेदार', खाकी पहनकर युवाओं को लगाया लाखों का चूना; ऐसे हुआ भंडाफोड़
जयपुर में फर्जी थानेदार गिरफ्तार
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे. जो शख्स कल तक गाय-भैंस बेचता था और दूध की डेयरी चलाता था, उसने रातों-रात अमीर बनने के चक्कर में खाकी वर्दी पहन ली और 'फर्जी थानेदार' बनकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया. जयपुर की सिंधी कैंप पुलिस ने इस बहरूपिये को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.

सिंधी कैंप से दबोचा गया फर्जी 'रमन शर्मा'

सिंधी कैंप थाने के SHO माधो सिंह ने बताया, 'लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि सिंधी कैंप और रेलवे स्टेशन इलाके में एक शख्स खुद को स्पेशल टीम का थानेदार बताकर घूम रहा है. पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी जितेन्द्र कुमार शर्मा उर्फ रमन शर्मा को धर दबोचा. आरोपी मूल रूप से करौली जिले के टोडाभीम का रहने वाला है.' तलाशी के दौरान उसके पास से जो मिला, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया.

आरोपी के पास से कांस्टेबल की रैंक वाला फर्जी पुलिस आईडी कार्ड, SI की वर्दी, पुलिस कैप एंड बेल्ट समेत ठगी से जुड़े अन्य दस्तावेज बरामद हुआ.

वनपाल की नौकरी का झांसा देकर हड़पे लाखों

इस फर्जी थानेदार का शिकार वो बेरोजगार युवा बनते थे, जो नौकरी की तलाश में जयपुर आते थे. आरोपी ने जयपुर के ही एक युवक को 'वनपाल' की सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया. खाकी वर्दी और रौब देखकर पीड़ित झांसे में आ गया और आरोपी ने उससे लाखों रुपये एडवांस के तौर पर ऐंठ लिए. न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस आए, तब जाकर इस पूरी ठगी का खुलासा हुआ.

स्पेशल टीम का बताता था रौब

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जितेन्द्र शर्मा बेहद शातिर तरीके से ठगी करता था. उसका टारगेट रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बाहर से आने वाले भोले-भाले युवा होते थे. वो खुद को पुलिस की स्पेशल टीम (DST) का थानेदार बताता था और सरकारी नौकरी लगवाने या किसी पुलिस केस से बाहर निकालने में मदद का वादा करता था. फिर इस काम के बहाने एडवांस कैश लेकर रफूचक्कर हो जाना.

ईमानदारी का धंधा छोड़ अपनाया अपराध का रास्ता

हैरानी की बात यह है कि आरोपी जितेन्द्र शर्मा का असली पेशा दूध की डेयरी चलाना था. वह गाय-भैंस खरीदता और बेचता था. लेकिन कम समय में ऐशो-आराम की चाहत ने उसे अपराधी बना दिया. उसने बाजार से वर्दी और कैप खरीदी और लोगों के भरोसे (खाकी) का फायदा उठाकर शिकार करना शुरू कर दिया.

ये भी पढ़ें:- जयपुर में संक्रांति पर छिड़ेगी 'जंग', मोदी-पुतिन-ट्रंप वाली पतंगों से पटेगा आसमान | पतंग मोहल्ले से EXCLUSIVE

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com