बांसवाड़ा के परतापुर-गढ़ी नगरपालिका क्षेत्र में बन रहे व्यावसायिक अवैध निर्माण को पालिका प्रशासन ने रोक दिए. बने हुए भवन को सील कर दिया. बोहरा समाज व्यावसायिक भवन का निर्माण कर रहा था. यह कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि बताया जा रहा है कि पिछले 5 सालों में यह पहली बड़ी ठोस कार्रवाई है.
पट्टे निरस्त हो गए थे
सामाजिक समिति को पालिका ने 5 प्लॉटों के पट्टे जारी किए गए थे, इनमें से एक प्लॉट पर 19 नवंबर 2024 को निर्माण स्वीकृति भी दी गई थी. बाद में फर्जी पट्टों का मामला उजागर होने पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए 10 जून 2025 को सभी पांचों पट्टों को निरस्त कर दिया.
प्लॉट पर चल रहा था निर्माण
पट्टा निरस्त होने के बाद भी बेडवा के पास मुख्य सड़क पर स्थित प्लॉट पर निर्माण चल रहा था. इसे गंभीरता से लेते हुए नगरपालिका अधिकारी पूरे अमले के साथ मौके पर पहुंचे, और निर्माणाधीन व्यावसायिक भवन के आगे और पीछे के मुख्य गेट पर ताला लगाकर भवन को सील कर दिया गया.
संगठनों का लगातार दबाव
अवैध निर्माण को लेकर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद एवं अन्य हिंदू संगठनों ने समय-समय पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे. 21 जनवरी को नगरपालिका कार्यालय के सामने प्रदर्शन और पुतला दहन कर अवैध निर्माण रोकने की मांग की गई थी, साथ ही चेतावनी भी दी गई थी. कार्रवाई में ईओ प्रभुलाल भापोर, सहायक अभियंता विजय दांतला, सफाई निरीक्षक अंजना राठौड़, सहित दर्जन भर कर्मचारी मौजूद रहे.
3 बार नोटिस जारी किए
नगरपालिका ईओ प्रभुलाल भापोर ने बताया, "एक प्लॉट पर निर्माण स्वीकृति जारी की गई थी, लेकिन पट्टा निरस्त होने के साथ ही स्वीकृति स्वतः निरस्त हो गई थी. इसके बावजूद निर्माण जारी रखा गया. निर्माण रोकने के लिए 3 नोटिस जारी किए गए, लेकिन पालन नहीं किया गया. मजबूरन भवन को सील करने की कार्रवाई की गई.”
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