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Nautapa 2026: नौतपा की भीषण तपन से राजस्थान में बरसेगी आग, 50 डिग्री के पार जा सकता है पारा, 18 जिलों में जारी हीटवेव का अलर्ट

राजस्थान में 25 मई से 'नौतपा' की शुरुआत के साथ ही भीषण गर्मी का तांडव शुरू हो जाएगा. मौसम विभाग ने 18 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जहां पारा 50 डिग्री पार जा सकता है.

Nautapa 2026: नौतपा की भीषण तपन से राजस्थान में बरसेगी आग, 50 डिग्री के पार जा सकता है पारा, 18 जिलों में जारी हीटवेव का अलर्ट
Nautpa
Meta (AI)

Nautapa 2026 Rajasthan: राजस्थान में जेठ की गर्मी ने अब अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. दिन चढ़ने के साथ ही सूरज की तीखी किरणें लोगों को झुलसा रही हैं, जिसके कारण दोपहर होते-होते सड़कें पूरी तरह सूनी हो जाती हैं. प्रदेश के बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी जैसे रेतीले जिलों में पारा पहले ही 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है. इस बीच, कल यानी 25 मई से साल के सबसे गर्म 9 दिन यानी 'नौतपा' की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक चलेगी.

मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 18 जिलों में भीषण हीटवेव (लू) का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले 9 दिनों में राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर 'आधा शतक' लगा सकता है,

क्यों इतना खौफनाक है इस बार का नौतपा?

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. पुरुषोत्तम गौड के मुताबिक, इस बार नौतपा की शुरुआत गंगा दशहरा और दुर्लभ 'रवि योग' के संयोग में हुई है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज सूर्य देव वृषभ राशि में गोचर करते हुए 'रोहिणी नक्षत्र' में प्रवेश कर चुके हैं.

रोहिणी नक्षत्र का स्वामी 'चंद्रमा' होता है, जो शीतलता और सौम्यता का प्रतीक है. लेकिन जब उग्र और क्रूर ग्रह सूर्य इस नक्षत्र में आते हैं, तो वे चंद्रमा की पूरी शीतलता को सोख लेते हैं. चूंकि रोहिणी पृथ्वी तत्व का नक्षत्र है, इसलिए सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं और जमीन भट्टी की तरह तपने लगती है.

18 जिलों में हीटवेव का अलर्ट

18 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
Photo Credit: Website

 जितनी तपिश, उतनी अच्छी बारिश

हालांकि, इस भीषण गर्मी के बीच एक अच्छी खबर भी है. ज्योतिषविदों और मौसम वैज्ञानियों का मानना है कि इन 9 दिनों में धरती जितनी ज्यादा तपेगी, इस साल मानसून उतना ही मजबूत और समृद्ध आएगा. सनातन परंपरा में नौतपा को मानसून का 'गर्भकाल' माना जाता है. इस दौरान बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र समुद्र से मानसूनी हवाओं को तेजी से अपनी तरफ खींचता है.

नकारात्मक प्रभाव से बचाएंगे ये अचूक दान और उपाय

इस बार नौतपा की शुरुआत गंगा दशहरा के पावन पर्व पर हुई है, जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस तपन के नकारात्मक प्रभाव और ग्रहों के दोष से बचने के लिए विशिष्ट चीजों का दान सबसे ज्यादा असरदार साबित होगा. इसके लिए राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना और उन्हें ठंडा पानी या शरबत पिलाना इस मौसम में सबसे बड़ा पुण्य का काम है. शास्त्रों में इसे 100 यज्ञों के बराबर माना गया है. इसके साथ ही जरूरतमंदों को सत्तू, घड़ा (मटका), तरबूज, खरबूजा और आम जैसे मौसमी फलों का दान करें.

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे न निकले

मौसम विभाग और प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न हो तो घरों से बाहर न निकलें. बाहर निकलते समय सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें.

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