राजस्थान में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के बीच सरकार की ओर से नए फायर सेफ्टी नियम लागू कर दिए गए हैं. नए नियमों में सभी कमर्शियल भवनों, होटलों, मॉल, पीजी के साथ अपार्टमेंट्स के लिए भी कड़े दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. सभी भवनों को अब राज्य में फायर एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा सभी प्रतिष्ठानों को स्वायत्त शासन विभाग की वेबसाइट पर जाकर एनओसी के लिए आवेदन करना होगा. फायर नियमों की अवहेलना करने पर कार्रवाई भी की जाएगी.
कैटेगरी के तहत फायर NOC के नियम तय
फायर सेफ्टी नियमों के तहत सभी इमारतों को A से लेकर J तक वर्गीकृत किया गया है. कैटिगरी A में होटल, लॉज, धर्मशाला और अपार्टमेंट आते हैं, B में शिक्षण संस्थान, C में अन्य संस्थान से लेकर J में सबसे खतरनाक बिल्डिंग को रखा गया है. सभी भवनों की कैटेगरी के तहत फायर एनओसी के नियम तय किए गए हैं.
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NDTV की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासेएनडीटीवी ने जयपुर रेलवे स्टेशन के पास बनीपार्क इलाके में फायर सेफ्टी को लेकर पड़ताल की. दरअसल, जयपुर रेलवे स्टेशन के पास का यह इलाका रिहायशी इलाका है, लेकिन पिछले 10 से 15 साल में धीरे-धीरे यहां पर कई छोटे बड़े होटल खुल गए हैं. इन होटल में 20 से लेकर 50 आदमियों तक के रहने की व्यवस्था है.
एनडीटीवी के पड़ताल में सामने आया कि होटल में फायर सेफ्टी के मानक पूरे नहीं है. होटल में आग बुझाने वाला सिलेंडर, अलार्म, आपातकालीन रास्ता कुछ नहीं मिला. सवाल पूछने पर होटल के मैनेजर ने बताया कि उनके पास फायर एनओसी भी नहीं है. पासी के एक होटल में सिलेंडर और सेफ्टी अलार्म तो मिला लेकिन लिफ्ट होने के बावजूद आपातकाल रास्ता नहीं मिला.
खतरे में लोगों की जान
ऐसे में नई सेफ्टी नियम आने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, यह देखना होगा. क्योंकि राजधानी में चल रहे कई होटल, पीजी और रेस्टोरेंट बिना किसी फायर एनओसी के लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं.
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