'पाकिस्तान हमसे 12 घंटे बड़ा, हमारा बड़ा भाई', राजस्थान में प्रिंसिपल का बयान बना चर्चा

राजस्थान के ब्यावर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समाजशास्त्रीय सम्मेलन के दौरान एक कॉलेज प्राचार्य के बयान ने चर्चा छेड़ दी. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के स्वतंत्रता समय को लेकर तुलना की बात कही.

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ब्यावर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समाजशास्त्रीय सम्मेलन का बयान बना चर्चा.

Rajasthan News: राजस्थान के ब्यावर स्थित सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में आयोजित राजस्थान सोशियोलॉजिकल एसोसिएशन की 31वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में एक बयान ने खास ध्यान खींचा. सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर के प्राचार्य मनोज बेहरवाल ने 24 जनवरी को अपने संबोधन में कहा कि 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान का नाम राजनीतिक और वैश्विक मंच पर आया, जबकि 15 अगस्त 1947 की सुबह भारत का उदय हुआ. उन्होंने इसे समय के अंतर के रूप में रखते हुए इतिहास को भावनाओं से अलग तथ्यों के आधार पर समझने की बात कही.

आजादी के दौर के नेताओं का जिक्र

बेहरवाल ने स्वतंत्रता काल के राजनीतिक हालात पर भी विचार रखे. उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी, मोहम्मद अली जिन्ना और डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रमुख नेता थे.

उन्होंने एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि विदेशी पत्रकार पहले गांधी, फिर जिन्ना और बाद में अंबेडकर के पास पहुंचे. उस समय अंबेडकर हिंदू कोड बिल पर काम कर रहे थे, जिसे सामाजिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जाता है.

दो दिन चला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

यह सम्मेलन 23 और 24 जनवरी को आयोजित हुआ. इसमें भारत के सात राज्यों, राजस्थान के 20 से अधिक जिलों और तीन देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य विषय भारतीय ज्ञान परंपरा और समाज रहा.

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प्रमुख अतिथि और शैक्षणिक सत्र

कार्यक्रम में विशेष अतिथि सीए अंकुर गोयल मौजूद रहे. मुख्य वक्ता राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के प्रोफेसर एमएल शर्मा थे. अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रेखा मंडोवर ने की. समन्वयक डॉ. दुष्यंत पारिक और सह समन्वयक डॉ. मानक राम सिंगारिया रहे. सम्मेलन में अकादमिक सत्रों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिससे आयोजन यादगार बना.

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