Rajasthan News: राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक घटना सामने आई है. पाली जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल में एक बार फिर व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. रविवार को जोधपुर रेफर किए गए एक 20 वर्षीय युवक की एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण रास्ते में ही मौत हो गई. इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और एम्बुलेंस चालक व प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए.
किडनी की बीमारी से जूझ रहा था युवक
मृतक की पहचान नया गांव सांसी बस्ती निवासी सावन कुमार (20) के रूप में हुई है. सावन पिछले छह महीने से किडनी की बीमारी से पीड़ित था और उसका सप्ताह में दो बार डायलिसिस होता था. चार दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर उसे बांगड़ अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. रविवार को डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रेफर कर दिया.
बीच रास्ते में थमी सांसें
परिजनों का आरोप है कि 108 एम्बुलेंस से जोधपुर ले जाते समय रास्ते में अचानक ऑक्सीजन सपोर्ट बंद हो गया. मृतक के भाई देवाराम ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि ऑक्सीजन खत्म हो गई है और मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो उन्होंने तुरंत चालक को सूचित किया. चालक ने दूसरे सिलेंडर का इंतजाम करने की बात कही लेकिन जब तक गाड़ी ओम बन्ना के पास पहुंची तब तक सावन ने दम तोड़ दिया.
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन और न्याय की मांग
बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां लाली देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिजन शव को वापस बांगड़ अस्पताल लेकर आए और मोर्चरी के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. समाज के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई जिन्होंने दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत करवाकर जांच शुरू की.