
पुलिस ने बिना स्वीकृति के प्रदर्शन करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में आदिवासी आरक्षण मंच के 42 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है. आदिवासी आरक्षण मंच द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर स्थित भयं घाटी के पास मंच की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया था. इस मामले में 100 से अधिक कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के खिलाफ भी कलिंजरा थाने में मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस के मुताबिक इसके लिए आदिवासी आरक्षण मंच के सलाहकार प्रोफेसर कमलकांत कटारा ने उन लोगों को उकसाया था. इस मामले को लेकर पुलिस द्वारा वहां मौजूद 42 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन के साथ गैर कानूनी हरकतों, पत्थरबाजी, तोड़फोड़ करने और राज कार्य में बाधा पहुंचाने के अलावा समर्थकों को पाने की टंकी पर चढ़कर आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर मामला दर्ज किया है.
भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष दीपसिंह वसुनिया भी आदिवासी आरक्षण मंच के समर्थन पर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे. उनको पहले भी इस आंदोलन का समर्थन करने पर 21 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया.
गौरतलब है कि आदिवासी आरक्षण मंच द्वारा जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण की मांग और राजस्थान प्रशासनिक सेवा में साढ़े छह फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर जिले में आंदोलन चलाया जा रहा है. जिसको लेकर प्रशासन और मंच के बीच कई बार तनातनी की स्थिति बन चुकी है. निकट भविष्य में चुनावों को देखते हुए यह एक बड़ा मुद्दा बनकर उभर सकता है, हालांकि इस आंदोलन को लेकर सरकार अभी से संवेदनशील बनी हुई है.