Anupgarh News: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घडसाना में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अब गरमा गया है. मंगलवार को न्याय की मांग को लेकर हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा लगाए गए भारी-भरकम बैरिकेड्स को तोड़ते हुए जबरन एसडीएम (SDM) कार्यालय के सामने धरना स्थल पर पहुंच गए.
क्या है पूरा मामला?
बीती 25 फरवरी को खानुवाली निवासी सुदेश कुमारी को प्रसव के लिए घडसाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर राजेश गौड़ की लापरवाही और सरकारी अस्पताल से फर्जी रेफर कार्ड बनाए जाने के कारण सुदेश कुमारी और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई. तभी से परिजन दोषियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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बैरिकेड्स टूटे, पुलिस के हाथ-पांव फूले
प्रशासन ने भीड़ को रोकने के लिए सरकारी अस्पताल और एसडीएम कार्यालय के बाहर तगड़ी घेराबंदी की थी. लेकिन कांग्रेस नेत्री रामदेवी बावरी के नेतृत्व में पहुंचे आक्रोशित लोगों ने पुलिस की एक न सुनी. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और लोग बैरिकेड्स लांघकर दफ्तर के भीतर तक जा पहुंचे. मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात है और माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है.
कलेक्टर ने खारिज की पुरानी रिपोर्ट, दोबारा जांच के आदेश
इस मामले में 12 मार्च को भी प्रदर्शन हुआ था. एडीएम ने जानकारी दी कि चिकित्सा विभाग द्वारा पहले सौंपी गई जांच रिपोर्ट से जिला कलेक्टर संतुष्ट नहीं थीं, इसलिए दोबारा जांच के आदेश दिए गए हैं. प्रशासन ने सोमवार तक का समय मांगा था, लेकिन कार्रवाई न होने से नाराज होकर आज फिर से घेराव किया गया. आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक दोषियों पर मुकदमा दर्ज नहीं होता, प्रदर्शन जारी रहेगा.
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