Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर में विधानसभा सत्र के दौरान ऊर्जा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के इंटर डिस्कॉम तबादलों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा. विधायक भागचंद ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सरकार से पूछा कि लंबे समय से कार्मिकों के तबादले नहीं हो रहे हैं. क्या सरकार इस विषय में कोई स्पष्ट नीति बनाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात हैं और अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण स्थानांतरण चाहते हैं.
नियमों में तबादले का प्रावधान नहीं
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि जब कार्मिकों की नियुक्ति होती है तब उन्हें मेरिट के आधार पर अलग अलग डिस्कॉम आवंटित किए जाते हैं. वर्तमान नियमों के अनुसार इंटर डिस्कॉम तबादले का प्रावधान नहीं है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में जब विद्युत निगम एक ही कंपनी था तब बाद में राजस्थान पावर सेक्टर सुधार योजना लागू हुई. उस समय कर्मचारियों को विकल्प दिया गया था कि वे अपनी पसंद के अनुसार पोस्टिंग चुन सकते हैं. बाद में अलग अलग कंपनियां बनीं और नई भर्तियों में मेरिट के आधार पर नियुक्तियां दी जाने लगीं. जो मेरिट में पीछे रहे उन्हें डिस्कॉम की आवश्यकता के अनुसार तैनाती दी गई जिससे कई कर्मचारियों की पोस्टिंग घर से दूर हो गई.
उच्च स्तरीय कमेटी करेगी समीक्षा
मंत्री ने कहा कि कर्मचारी संघ लगातार मानवीय आधार पर राहत की मांग कर रहे हैं. उनकी परेशानियों को देखते हुए सरकार ने विधिक राय लेने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का निर्णय लिया है. कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद इंटर डिस्कॉम तबादला नीति पर आगे विचार किया जाएगा.
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