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This Article is From Feb 21, 2026

Rajasthan: '5 साल बनाम 2 साल' नहीं हुई CM और कांग्रेस की डिबेट, हंगामें के बाद तीन बार स्थगित हुई कार्यवाही

Rajasthan Assembly Session: डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं सदन में “2 साल बनाम 5 साल” की बहस की चुनौती स्वीकार की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराई जाती तो यह मुख्यमंत्री के बयान की अनदेखी होगी.

Rajasthan: '5 साल बनाम 2 साल' नहीं हुई CM और कांग्रेस की डिबेट, हंगामें के बाद तीन बार स्थगित हुई कार्यवाही

राजस्थान विधानसभा में “2 साल बनाम 5 साल” की बहस शुरू होने से पहले ही शुक्रवार को जोरदार हंगामा हो गया. विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः बैठक को तीन बार स्थगित करना पड़ा. विपक्ष ने सरकार पर अपनी बात से मुकरने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए विपक्ष से ही प्रतिवेदन न देने का सवाल उठाया.

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने सरकार के प्रतिवेदन 2024–25 और 2025–26 पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, जिस पर विपक्ष ने तुरंत आपत्ति जताई. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सरकार के दो साल और पिछली सरकार के पांच साल के कार्यकाल की तुलना पर चर्चा तय हुई थी, केवल प्रतिवेदन के आंकड़ों पर नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दे से बचने की कोशिश कर रही है.

गोविंद सिंह डोटासरा और मंत्री जोगाराम पटेल के बीच तीखी बहस

बहस के दौरान स्पीकर द्वारा नियम 263 का हवाला दिए जाने के बाद सदन का माहौल और गरमा गया. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मंत्री जोगाराम पटेल के बीच तीखी बहस हुई, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही प्रभावित हुई.

इसी दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म बोलने के लिए खड़े हुए तो डोटासरा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि वह राज्य मंत्री हैं और कैबिनेट का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उन्हें सुनने का कोई औचित्य नहीं है. इसके बाद विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई.

''मुख्यमंत्री के बयान की अनदेखी''

डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं सदन में “2 साल बनाम 5 साल” की बहस की चुनौती स्वीकार की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस मुद्दे पर चर्चा नहीं कराई जाती तो यह मुख्यमंत्री के बयान की अनदेखी होगी. उन्होंने सरकार पर आंकड़ों के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए इसे “पर्ची सरकार” बताया.

कांग्रेस हतोत्साहित है- बेढ़म

हंगामे के बीच गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस हतोत्साहित है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अध्यक्ष द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए और सरकार जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. बेढ़म ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने स्वयं प्रतिवेदन पेश नहीं किया, तो इसमें सरकार की कोई गलती नहीं है.

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने क्या कहा ? 

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दोहराया कि मुख्यमंत्री ने सदन की कार्यवाही के पेज 127–128 में स्पष्ट रूप से 5 साल बनाम 2 साल की बहस की बात कही थी और चर्चा जनता के काम, कानूनों, योजनाओं और सुशासन पर होनी चाहिए. विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री खुद सदन में आकर दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करें और पिछली सरकार के पांच साल से तुलना करें. फिलहाल इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी है और हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित हो चुकी है.

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