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AI से होगी 'स्मार्ट खेती', राजस्थान के 95 लाख किसानों के लिए सरकार की बड़ी पहल, हर पल की मिलेगी लाइव अपडेट

सरकार एआई तकनीक को किसानों तक पहुंचाने के लिए पहल शुरू करने जा रही है. पानी का संकट हो या फसलों की बीमारी, हर समस्या का समाधान अब AI से मिल जाएगा.

AI से होगी 'स्मार्ट खेती', राजस्थान के 95 लाख किसानों के लिए सरकार की बड़ी पहल, हर पल की मिलेगी लाइव अपडेट
किसानों के खेतों के रिकॉर्ड और कृषि डेटा को फार्मर आईडी से जोड़ा गया है.

राजस्थान में खेती-किसानी को सटीक और डेटा आधारित बनाने के लिए भी एआई का इस्तेमाल किया जाएगा. किसानों को मौसम, फसल, रोग, सिंचाई और कीट प्रबंधन से जुड़ी सलाह समय पर मिल सकेगी. इसके लिए सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं. एआई तकनीक से किसानों के खेत, फसल और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर जरूरत के मुताबिक सुझाव मिलेगा. इससे उत्पादन बढ़ाने और नुकसान कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है. कृषि विभाग और Wadhwani AI के बीच समझौते के बाद किसानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाएं पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है. 

किसानों की फार्मर आईडी भी तैयार

एग्री-स्टैक केंद्र और राज्य सरकारों की डिजिटल कृषि पहल है. इसमें किसानों की जमीन, फसल, खेती के पैटर्न और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाता है. इससे किसानों को टारगेटेड सेवाएं देने के साथ-साथ सब्सिडी, बीमा और कृषि योजनाओं की मॉनिटरिंग भी आसान होगी. कृषि विभाग के आयुक्त नरेश गोयल ने बताया कि राज्य में एग्री-स्टैक परियोजना के तहत करीब 95 लाख किसानों की ‘फार्मर आईडी' तैयार की जा चुकी है. इन आईडी को जमीन रिकॉर्ड और कृषि डेटा से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसानों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार हो सके. इसी डेटा के आधार पर किसानों तक योजनाओं और सलाह का लाभ सीधे पहुंचाया जाएगा.

खेत की तस्वीर से पता चल जाएगी बीमारी 

‘एग्रीवाणी' किसानों को स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी सलाह उपलब्ध कराएगा. इसमें मौसम अपडेट, सिंचाई प्रबंधन, उर्वरक उपयोग, कीटनाशक और फसल देखभाल जैसी जानकारियां शामिल होंगी. वहीं, ‘क्रोपस' AI आधारित इमेज और डेटा एनालिसिस के जरिए फसलों में रोग और कीट की शुरुआती पहचान करेगा. किसान खेत की तस्वीर साझा कर सकेंगे, जिसके आधार पर बीमारी या खतरे का अनुमान लगाकर समाधान भी पता चला जाएगा. इससे फसल खराब होने से पहले ही बचाव संभव हो सकेगा.

सरकार पर नहीं आएगा अतिरिक्त वित्तीय भार

इसे 'फ्री टेक्नोलॉजी पार्टनर मॉडल' के तहत शुरू किया जा रहा है. तकनीकी सहयोग का सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा. अधिकारियों के मुताबिक, इससे कृषि सेवाओं को आधुनिक और तेज बनाने में मदद मिलेगी.

बदलते मौसम और जल संकट में बड़ी राहत

राजस्थान में लगातार बदलते मौसम, कम बारिश, पानी की कमी और कीट प्रकोप खेती के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं. ऐसे में AI आधारित तकनीक मौसम और फसल डेटा का विश्लेषण कर पहले से अलर्ट जारी कर सकेगी. इससे किसान समय रहते फसल बचाव के कदम उठा पाएंगे.

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