
Jaisalmer News: पश्चिमी राजस्थान का जैसलमेर जिला, जहां एक वक्त था जब महिलाएं पर्दे या घुंघट में रहती थीं. लेकिन समय के साथ-साथ बदलाव आया है तो नगर निकायों व पंचायती राज में महिलाओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की. लेकिन फिर भी जैसलमेर विधानसभा सीट से अब तक कोई भी महिला विधायक बनकर विधानसभा नहीं पहुंची है. हालांकि इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां महिला दावेदारों को मैदान में उतार सकती है. क्योंकि महिला आरक्षण बिल को लागू होने में अभी वक्त है. ऐसे में महिलाओं को अभी से पार्टियां टिकट देकर बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेल सकती हैं.
जैसलमेर विधानसभा सीट पर कांग्रेस से पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुकी महिला नेत्री सुनीता भाटी ने एक बार फिर पार्टी के सामने अपनी दावेदारी पेश की है. वहीं भाजपा से भी दो महिला दावेदारों ने टिकट मांगा है. जैसलमेर समिति से प्रधान रह चुकीं करुणा कंवर राठौड़ व सम समिति मेंबर के लिए 2005 में भाजपा की प्रत्याशी रहीं व संगठन में विभिन्न पदों पर रह चुकीं चांद कंवर जाम ने भी टिकट मांगा है. राजस्थान में जल्द ही विधानसभा चुनाव की घोषणा होने वाली है, और चर्चा है कि पीएम मोदी के जयपुर में जनसभा के बाद बीजेपी A और D कैटेगरी के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर सकती है. ऐसे में पहले ही महिलाओं ने अपनी दावेदारी ठोंक दी है.
2008 में विधानसभा का चुनाव लड़ चकी हैं सुनीता
कांग्रेस नेत्री सुनीता भाटी की बात करें तो वे 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सिम्बल पर चुनाव लड़ चुकी हैं. हालांकि त्रिकोणीय मुकाबले में सुनीता भाटी दूसरे स्थान पर रही थीं. साल 2000-04 तक पंचायत समिति सांकड़ा की प्रधान व 2006 में कृषि उपज मण्डी की अध्यक्ष बनीं. वहीं 2010 में जिला परिषद में निर्विरोध सदस्य चुनी गईं. सुनीता भाटी संगठन में भी सक्रिय हैं और पूर्व में प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष सहित तमाम पदो पर काम कर चुकी हैं.
20 हजार लोगों से इस परिवार का सीधा जुड़ाव
भाजपा से दावेदारी कर रहीं जैसलमेर के जाम परिवार से आने वाली चांद कन्वर जाम जिला उपभोक्ता आयोग की सदस्या रही हैं. पूर्व में पंचायतीराज में समिति सदस्य का चुनाव भी लड़ चुकी हैं. जाम परिवार राजनीति में हमेशा से सक्रिय रहा है. सरपंच से प्रधान व जिलाप्रमुख के पदों पर वर्षों तक काम रहे हैं. जाम सुजान सिंह 40 वर्षों तक सरपंच रहे. इनके परिवार से पदम सिंह जाम भी सरपंच रहे. विष्णु कंवर जाम जैसलमेर से जिला प्रमुख रही हैं. जाम रियासत कालीन उपाधि है, जिसके चलते करीब 12 गांवों के 20 हजार लोगों से यह परिवार सीधा जुड़ाव रखता है.
वर्तमान में बीजेपी की जिला उपाध्यक्षा हैं करुणा
भाजपा से विधानसभा चुनाव के लिए दावेदारी कर रहीं करुणा कंवर राठौड़ वर्तमान में भाजपा की जिला उपाध्यक्षा हैं व पूर्व में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भी रह चुकी हैं. 2005 में करुणा कंवर ने पंचायत समिति जैसलमेर से प्रधान का चुनाव लड़ा और जीतीं. वहीं करुणा पार्टी के कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहती हैं. जैसलमेर में भाजपा में दावेदारों की बढ़ती संख्या के कारण बनी खींचतान की स्थिति व कांग्रेस में वर्तमान विधायक रूपाराम धंदेव व मानवेन्द्र सिंह जसोल कें दावेदारी करने के बाद अब दोनों ही पार्टियों में नए चेहरों पर दाव खेलने की चर्चा बढ़ गई है. वहीं इस बार महिला वोटर्स को रिझाने के लिए महिला दावेदारों को टिकट दे पार्टिया मास्टर स्ट्रोक भी खेल सकती हैं.