
Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार (28 फरवरी) को जनजाति और सामाजिक न्याय विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई. इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के विधायकों ने अपनी-अपनी बात रखी. जहां कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर निशाना साधा. वहीं सरकार पक्ष की ओर से पुराने मुद्दों को उठाया गया. जनजाति मंत्री बाबूलाल खर्राड़ी ने जनजाति और सामाजिक न्याय विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चुनाव हारने का मुद्दा उठाया. जिसके बाद सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक शुरू हो गई.
नेहरू के पीएम को लड़वाया अंबेडकर के खिलाफ चुनाव
सदन में जनजाति मंत्री बाबूलाल खर्राड़ी ने कहा कि जिसके कारण से इतना सुंदर संविधान मिला था और उस व्यक्ति को जब चुनाव होने थे कांग्रेस ने ही भीमराव अंबेडकर के खिलाफ उम्मीदवार खड़ा किये थे. चुनाव में पंडित नेहरू के पीए को उनके खिलाफ चुनाव लड़वाया गया था. इतना ही नहीं नेहरू जी उनके लिए भाषण भी देने गए थे. इस वजह से चुनाव वह हार गए थे.
चुनाव हराने में RSS की भूमिका
बाबूलाल खर्राड़ी के बयान के बाद सदन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मुद्दे पर बोलने की इजाजत मांगी. उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने अपने एक मित्र को लिखे पत्र में स्पष्ट किया था कि उनको चुनाव हारने में आरएसएस की भूमिका थी. उन्होंने खुद आरोप लगाया था. टीकाराम जूली ने कहा कि उनका लिखा हुआ लेटर टेबल पर लाकर रख दूंगा.
इस पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि वरिष्ठ प्रचारक ने अंबेडकर का चुनाव प्रचार संभाला था. तो टीकाराम जूली ने इस तथ्य को टेबल पर लाने की बात कही.
इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया. तो टीकाराम जूली ने कहा कि अगर इस मुद्दे पर बात करनी है तो इस पर बहस करवा देना चाहिए. वहीं अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी कहा कि अगर दोनों पक्ष चाहता है तो इस पर चर्चा करवाई जा सकती है.
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