
Rajasthan Politics: राजस्थान में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालते ही मदन सिंह राठौड़ ने अपना पूरा फोकस पांच विधानसभा सीटों के उपचुनावों के जीत के रोडमैप को बनाने पर दिया है. पदभार ग्रहण के दूसरे ही दिन आज मदन राठौड़ ने पार्टी दफ़्तर में खींवसर और झुंझुनू विधानसभा सीट को लेकर पार्टी नेताओं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. राठौड़ ने फीडबैक लिया और ज़रूरी दिशा निर्देश दिये.
जातीय समीकरण साधने की कोशिश
मदन राठौड़ ने कहा कि पांचों विधानसभा सीट पर पार्टी सत्ता और संगठन के तालमेल से चुनाव जीतेगी. बता दें कि सीपी जोशी द्वारा अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश के बाद मदन राठौड़ को राजस्थान बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया. मदन राठौड़ राजस्थान में बड़े ओबीसी नेता हैं. अब भाजपा ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर उपचुनाव से पहले जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है.
प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू
विधानसभा सीट पर प्रत्याशियों के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है. चुनाव के लिए बनाई गई कमिटी ने काम शुरू कर दिया है. फीडबैक के आधार पर ही टिकट दिए जाएंगे. सरकार की बजट घोषणा को तुरंत प्रभाव से लागू करने में ब्यूरोक्रेसी एक्टिव हो गई है. संगठन के पदाधिकारियों को सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका अदा करनी होगी.
इन पांच सीटों पर होना है उपचुनाव
राजस्थान की जिन पांच सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, झुंझुनू और चौरासी विधानसभा सीट शामिल हैं. इन पांचों सीटों पर चुने गए विधायक लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बन गए हैं. 2023 के चुनाव में इन पांच सीटों में से तीन पर कांग्रेस, एक पर आरएलपी और एक पर बीएपी को जीत हासिल हुई थी. इस उपचुनाव में भाजपा के पास खोने को कुछ भी नहीं है, और पाने पर 5 सीटें हैं. इसीलिए भाजपा नेता जीत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं.
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