Rajasthan News: राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने सीकर में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर चुनाव टालना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार ओबीसी आयोग को जरूरी डाटा और संसाधन समय पर उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे आयोग सर्वे कर अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर पा रहा.
यूडीएच मंत्री के बदलते बयानों पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान डोटासरा ने कहा कि यूडीएच मंत्री Jhabar Singh Kharra बार-बार निकाय चुनाव को लेकर अपने बयान बदल रहे हैं. उनका आरोप है कि सरकार नहीं चाहती कि ओबीसी आयोग अपनी रिपोर्ट समय पर दे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अब देखना है बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी, आखिर भाजपा सरकार कब तक चुनाव से बचती रहेगी.”
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
डोटासरा ने मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पर्ची से मुख्यमंत्री बनने का नुकसान यह है कि निर्णय लेने की स्वतंत्र क्षमता कमजोर हो जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हर बड़े फैसले के लिए दिल्ली की ओर देखती है और वहां से निर्देशों का इंतजार करती रहती है.
गैस संकट और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने राज्य में गैस की किल्लत का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ रही है, जिससे आम लोगों को गैस के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी औचक निरीक्षण के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों ही कमजोर हो गई हैं.
शिक्षा मंत्री पर भी की टिप्पणी
डोटासरा ने शिक्षा मंत्री Madan Dilawar पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे पैदल यात्राओं में व्यस्त हैं, जबकि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि स्कूलों में समय पर किताबें नहीं पहुंच रहीं, स्टाफ की कमी है और शिक्षकों की भर्ती से जुड़े फैसले भी लंबित पड़े हैं.
चुनाव टालने का आरोप गलत
वहीं सरकार की ओर से संसदीय कार्य और विधि मंत्री Jogaram Patel ने जोधपुर के Jodhpur Circuit House में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार चुनाव टाल नहीं रही है. उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए त्रिस्तरीय जांच जरूरी है.
उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन नहीं किया था, जबकि मौजूदा सरकार ने आते ही आयोग बना दिया. जैसे ही आयोग अपनी रिपोर्ट देगा, सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार है. मंत्री ने संकेत दिया कि पंचायत चुनाव संभवतः 15 अप्रैल के आसपास कराए जा सकते हैं.