Rajasthan News: राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में शून्य या नकारात्मक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को बाहर करने के हाईकोर्ट के एकल पीठ के फैसले के खिलाफ कर्मचारी चयन बोर्ड अब कानूनी लड़ाई की अगली तैयारी में है. बोर्ड इस आदेश को डबल बेंच में चुनौती देने जा रहा है.
अपील से 1200 अभ्यर्थियों को राहत की उम्मीद
हाल ही में हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में उन अभ्यर्थियों का चयन रद्द कर दिया था जिनके अंक शून्य या उससे कम थे. कोर्ट ने राज्य सरकार को आगामी तीन महीनों में भविष्य की भर्तियों के लिए न्यूनतम अंकों की नीति बनाने का निर्देश भी दिया था.
बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया मौजूदा नियमों के तहत ही पूरी की गई थी और बीच भर्ती में नियमों में बदलाव करना संभव नहीं है.
न्यूनतम अंकों की नीति पर बोर्ड का रुख
अध्यक्ष आलोक राज का मानना है कि सरकारी नौकरियों में न्यूनतम पात्रता अंक होना अनिवार्य है लेकिन यह अधिकार राज्य सरकार के पास है. बोर्ड ने इस संदर्भ में सरकार को पहले ही पत्र लिखकर भविष्य के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है. अब बोर्ड डबल बेंच के सामने अपनी बात मजबूती से रखेगा. यदि बोर्ड की अपील सफल रहती है तो उन लगभग 1200 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है जो शून्य अंक मिलने के कारण दौड़ से बाहर हो गए थे. अब देखना यह होगा कि कोर्ट इस मामले पर क्या रुख अपनाता है.
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